एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया?
बजट में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार सरकार ने एक रुपये का 24 पैसा उधारी और अन्य प्रकार की देयताओं (Borrowings & Other Liabilities) के जरिए जुटाया। इसके बाद सबसे ज्यादा राशि आयकर (Income Tax) से आई। इस मद से सरकार को एक रुपये के 21 पैसे मिले। इसके बाद कंपनियों पर लगने वाले कर यानी निगम कर (Corporation Tax) के जरिए सरकार ने एक रुपये के 18 पैसे जुटाए।
इसके बाद माल और सेवा कर (GST) और अन्य करों की वसूली से सरकार को 15 पैसे से अधिक की आमदनी हुई। बजट 2025 के आंकड़ों के अनुसार, करों के अलावा अन्य स्रोतों (Non-Tax Revenue) से सरकार को एक रुपये के 10 पैसे मिले । वहीं, केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Union Excise Duties) से 6 पैसे और सीमा शुल्क (Customs) से 4 पैसे की आमदनी हुई। उधार के अलावा अन्य स्रोतों से पूंजीगत प्राप्ति (Non-Debt Capital Receipts) के तहत सरकार को एक रुपये में 2 पैसा मिला।
एक रुपये का कितना पैसा कहां खर्च किया जाएगा?
आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास आने वाले हर एक रुपये में से 20 पैसे ऋणों की ब्याज अदायगी (Interest Payments) में खर्च होंगे । 22 पैसे करों और शुल्कों में राज्यों की हिस्सेदारी (States Share of Taxes and Duties) के तौर पर दिए जाएंगे । सरकार ने अपने पास आने वाले एक रुपये में से 17 पैसे केंद्रीय योजनाओं (Central Sector Schemes) पर खर्च किए जाएंगे । 8 पैसे राज्यों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं (Centrally Sponsored Schemes) पर खर्च होंगे। 11 पैसे रक्षा क्षेत्र (Defence) में खर्च किए जाएंगे । वित्त आयोग और अन्य मदों में भी 7 पैसे खर्च किए जाएंगे। आर्थिक सहायता (Subsidies) के लिए 6 पैसे, पेंशन (Pensions) के लिए 2 पैसे, और अन्य मदों (Other Expenditure) में सरकार के हर एक रुपये से 7 पैसे खर्च होंगे ।