ना न सिर्फ निवेश के लिहाज से भारतीयों का पसंदीदा विकल्प है, बल्कि यह कठिन समय में वित्तीय सहायता भी मुहैया कराता है। आज भी लोग अन्य कर्ज विकल्पों की तुलना में गोल्ड लोन लेना पसंद करते हैं, क्योंकि यह पर्सनल लोन की तुलना में आसानी से मिल जाता है। यही वजह है कि 2024 में गोल्ड लोन में 56 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई थी।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चतता, मंदी की आशंका और महंगाई के इस दौर में अगर आप भी गोल्ड लोन लेना चाहते हैं, तो सोने की कीमतों पर जरूर नजर रखें। ऐसे हालात में सोने में अक्सर तेजी देखी जाती है, जिससे आपको सोने के एवज में अधिक कर्ज मिलने की संभावना रहती है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण मांग बढ़ने से अंतराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत पहली बार 3,000 डॉलर के पार पहुंच गई है। घरेलू बाजार में भी यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।
- संघर्ष और युद्ध जैसे भू-राजनीतिक परिवर्तन भी सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
- ब्याज दरें घटने से सोने का भाव बढ़ जाता है।
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ऐसे हालात में और चमकता है सोना
सोने को महंगाई के खिलाफ ढाल और आर्थिक-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में विश्वसनीय निवेश के रूप में देखा जाता है। महंगाई जब बढ़ती है या अर्थव्यवस्था में मंदी आती है, तो लोग सुरक्षा के लिए सोना खरीदते हैं, जिससे इसकी मांग व कीमत बढ़ जाती है। मांग अधिक है व आपूर्ति कम, तो सोने के दाम बढ़ते हैं। सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में होती है और इसका मूल्य मुद्रा के साथ चलता है। कमजोर डॉलर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोने को सस्ता बनाता है, जिससे मांग के साथ भाव भी बढ़ते हैं।
उतार-चढ़ाव का कर्ज राशि पर असर
लोन का सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से संबंध है। कीमतें जब बढ़ती हैं, तो सोने के एवज में अधिक कर्ज मिलता है। दाम घटने पर कर्ज कम हो जाता है। सोने की कीमतों में गिरावट मौजूदा गोल्ड लोन लेने वालों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है, क्योंकि ऋणदाता उन्हें अधिक सोना गिरवी रखने या आंशिक पुनर्भुगतान करने को कह सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने के दाम घटने पर लोन-टु-रेश्यो (एलटीवी) अनुपात बढ़ता है। एलटीवी मंजूर कर्ज व गिरवी सोने के बाजार मूल्य का अनुपात है।
75 फीसदी तक मिल सकता है ऋण
आरबीआई के नियमों के मुताबिक, बैंक व गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां 75 फीसदी तक के एलटीवी के साथ गोल्ड लोन दे सकती हैं। यानी ग्राहक सोने के मूल्य का 75 फीसदी तक कर्ज ले सकते हैं।
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...तो सोना नीलाम कर सकता है ऋणदाता
सोने के एवज में कर्ज पर आपका क्रेडिट स्कोर नहीं देखा जाता है। कागजी कार्रवाई भी न्यूनतम होती है। लेकिन, वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरें और संबंधित शुल्क (प्रसंस्करण एवं फोरक्लोजर शुल्क आदि) भिन्न हो सकते हैं। इसकी जांच जरूर करें। अगर आप पुनर्भुगतान में चूक करते हैं तो ऋणदाता बकाया वसूली के लिए सोना नीलाम कर सकता है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार
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