फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन (एफएआईजेए) ने 9 कैरेट सोने को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की अनिवार्य हॉलमार्किंग प्रणाली में शामिल किए जाने के निर्णय को उपभोक्ता हित में सार्थक और दूरदर्शी कदम बताया है। यह कदम देश के आभूषण बाजार में एक नई गहमागहमी को जन्म देगा।
इंडियन ज्वेलर्स फोरम, गोल्ड ज्वेलर्स ट्रेड एसोसिएशन का कहना है 24 और 22 कैरेट सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच यह निर्णय आम उपभोक्ता को किफायती विकल्प उपलब्ध कराएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नकली या मिश्रित धातु वाले गहनों पर रोक लगेगी।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा
बीआईएस के अनुसार, ग्राहकों को अब कम कीमत में हॉलमार्क युक्त गहनों का विकल्प मिलेगा। यह बाजार में नकली या निम्न-गुणवत्ता के आभूषणों की संख्या में कमी लाएगा। साथ ही, खुले बाजार में गैर-कानूनी गहनों की बिक्री पर रोक लगाएगा।
ज्वेलर्स के लिए नई संभावनाएं
दिल्ली के प्रमुख ज्वेलर और डिजाइनर भावेश अग्रवाल बताते हैं, अब हम 9 कैरेट में हल्के डिजाइन और वॉल्यूम-आधारित कलेक्शन पर काम कर सकते हैं। ई-कॉमर्स मंचों पर भी लो-कॉस्ट हॉलमार्क गहनों का ट्रेंड बढ़ेगा, जिससे पूरे क्षेत्र को नई गतिशीलता मिलेगी।