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8वें वेतन आयोग पर अपडेट: सरकार ने संसद में साफ की तस्वीर; रिपोर्ट के लिए 18 महीने का समय, लागत का अभी पता नहीं

Wed, 11 Feb 2026 03:12 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आठवें वेतन आयोग पर सरकार ने संसद में एकअहम जानकारी दी है। सांसदों को जानकारी देते हुए सरकार ने बताया है कि नए वेतन आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। वहीं, कर्मचारी संगठनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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आठवें वेतन आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए लंबे समय से चर्चा का विषय रहे आठवें वेतन आयोग पर सरकार ने संसद में स्थिति साफ कर दी है। राज्यसभा में एक लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया है कि आयोग का गठन औपचारिक रूप से किया जा चुका है। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। सरकार की ओर से यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर लामबंद हो रहे हैं और 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दे चुके हैं।

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आयोग की सिफारिशें 2027 तक आने की उम्मीद
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद को बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी कर दी गई थी। सरकार के मुताबिक, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए डेढ़ साल (18 महीने) का वक्त दिया गया है। मौजूदा समय-सीमा के अनुसार, आयोग की सिफारिशें साल 2027 तक आने की संभावना है।

आयोग जिन प्रमुख मुद्दों की समीक्षा करेगा, उनमें शामिल हैं:

  • केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान
  • भत्ते और पेंशन ढांचा।
  • सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा।

हालांकि, सरकार ने अभी तक सिफारिशों को लागू करने के लिए किसी चरणबद्ध रोडमैप या योजना का खुलासा नहीं किया है।

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बजटीय बोझ पर सरकार का क्या रुख  है?
संसद में यह सवाल भी प्रमुखता से उठा कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से सरकारी खजाने पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस पर वित्त मंत्रालय ने साफ-साफ कहा है कि फिलहाल लागत के किसी आंकड़े का सटीक आकलन करना संभव नहीं है।

सरकार का कहना है कि आयोग की फाइनल रिपोर्ट आने और उसकी सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद ही वास्तविक वित्तीय प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकेगा। यानी, आठवें वेतन आयोग के लिए बजटीय प्रावधान रिपोर्ट जमा होने के बाद ही तय किए जाएंगे।

कर्मचारी संगठन बढ़ा रहे दबाव
एक तरफ जहां सरकार ने प्रक्रियात्मक जानकारी दी है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी संगठनों ने दबाव बढ़ा दिया है। 'कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स' (सीसीजीईडब्ल्यू) ने 12 फरवरी 2026 को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • अंतरिम राहत: 20% की तत्काल अंतरिम राहत 
  • महंगाई भत्ता: 50% डीए (डीए) का मूल वेतन में विलय।
  • पुरानी पेंशन: नई पेंशन योजना (एनपीएस) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली।

आठवें वेतन आयोग पर सरकार का संसद में दिया गया सरकार का जवाब बताता है कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन सिफारिशों के लिए 2027 तक का इंतजार करना होगा।

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