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Survey: देश के जॉब मार्केट में इस साल दिखेगी बड़ी उथल-पुथल, 82 फीसदी नौकरीपेशा ने बनाया जॉब बदलने का मन

Tue, 18 Jan 2022 01:00 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

82% Of Workforce Considering Job change In 2022: नई संभावनाओं के साथ नए साल 2022 की शुरुआत हुई है। यह साल नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहद खास होने वाला है। एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि कोरोना महामारी के बावजूद, भारत का कार्यबल काम के भविष्य के बारे में बहुत आशावादी है और 82 प्रतिशत पेशेवर अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं।
 
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नौकरीपेशा - फोटो : डेमो फोटो
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नई संभावनाओं के साथ नए साल 2022 की शुरुआत हुई है। यह साल नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहद खास होने वाला है। एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि कोरोना महामारी के बावजूद, भारत का कार्यबल काम के भविष्य के बारे में बहुत आशावादी है और 82 प्रतिशत पेशेवर अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं।

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1,111 पेशेवरों की राय को किया शामिल
यह सर्वे लिंक्डइन की ओर से किया गया है। सर्वे के आधार पर जारी की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जॉब मार्केट में बड़ा फेरबदल देखने को मिलने वाला है। नौकरी बदलने की इच्छा रखने वालों में फ्रेशर्स से लेकर अनुभवी पेशेवर तक शामिल हैं। इस सर्वे में देशभर के 1,111 पेशेवरों की राय को शामिल किया गया है और इस आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जारी की गई है। 

अच्छे वर्क कल्चर की तलाश अहम
इस सर्वेक्षण में सामने आया है कि 30 फीसदी नौकरीपेशा खराब कार्य-जीवन संतुलन, 28 फीसदी अपर्याप्त आय और 23 फीसदी करियर ग्रोथ के लिए अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़कर नई नौकरी पाने का विचार कर रहे हैं। नए साल में नई नौकरियों की तलाश करते समय, भारतीय पेशेवरों का कहना है कि काम करने के लिए अच्छा वर्क कल्चर उनकी पहली प्राथमिकता में है। 
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कार्यक्षमता पर सवाल उठना वजह
लगभग 94 फीसदी फ्रेशर्स का कहना है कि वे साल 2022 में नौकरी बदलना चाहते हैं, जबकि 87 फीसदी जेनरेशन जेड प्रोफशनल्स ने कहा कि वे नौकरी बदलने का मन बना चुके हैं। इस सर्वे के अनुसार, 71 फीसदी पेशेवरों ने कहा कि महामारी से पहले की तुलना में अब उनके काम करने की क्षमताओं पर अधिक सवाल उठ रहा है। इसलिए उनहोंने नौकरी बदलने का बन बनाया है। जबकि 63 फीसदी लोगों का कहना है कि वह अपनी नौकरी की वजह से इम्पोस्टर सिंड्रोम से पीड़ित हो गए हैं। 

कोरोना महामारी से आत्मविश्वास पर असर
30 फीसदी पेशवरों का मानना है कि कोरोना ने उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया है और आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ा है। करीब 40 फीसदी कार्यस्थल पर अपने सहयोगियों या फिर टीम लीडर से सहयोग नहीं मिलने के चलते परेशान हैं। जबकि 34 फीसदी नौकरीपेशा नई जिम्मेदारियों को उठाने के लिए खुद को सहज नहीं मान रहे हैं। इस सर्वे में एक और अहम बात सामने आई कि 31 फीसदी पेशेवर ऐसे हैं जो कि नई तकनीकों के साथ खुद का मेल-जोल नहीं बैठा पा रहे हैं और इस वजह से नौकरी बदलना चाहते हैं। 

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