वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मंदी की आशंका के बीच पिछले छह महीने में पूरी दुनिया में 760 कंपनियों ने 5.38 लाख कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। टेक कंपनियों ने सबसे ज्यादा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है, जो कुल छंटनी का करीब एक तिहाई हिस्सा है। इसके अलावा, रियल एस्टेट, कम्युनिकेशन, वित्तीय क्षेत्र, हेल्थकेयर व ऊर्जा समेत अन्य सभी क्षेत्रों में छंटनी हुई है।
ऊर्जा क्षेत्र सबसे कम प्रभावित, सिर्फ 4,000 नौकरियों पर ही दिखा संकट
फेडेक्स ने 12,000 को निकाला
फेडेक्स ने इस दौरान कुल 12,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। यह लॉजिस्टिक क्षेत्र में कुल छंटनी का चार फीसदी हिस्सा है। माइक्रोसॉफ्ट ने 11,120 कर्मचारियों की छुट्टी की। यह टेक क्षेत्र में कुल छंटनी का पांच फीसदी है।
अभी आगे भी जारी रहेगा संकट
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दर के मोर्चे पर सख्त रुख अपनाया। इसका सीधा असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं और कंपनियों की कमाई पर पड़ा है। राजस्व में कमी के बीच अपनी लागत घटाने और मुनाफा स्थिर रखने के लिए कंपनियों ने छंटनी का रास्ता अपनाया हुआ है। खासकर टेक कंपनियों ने।