बैंकों से धोखाधड़ी के 490 मामले प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले 5 वर्ष में दर्ज किए हैं। यह मामले 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) से संबंधित हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्य सभा में बताया कि 20 जुलाई 2023 तक के यह मामले धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के तहत दर्ज हुए हैं।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने बताया कि इन मामलों में अपराध से अर्जित 26,732.68 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच या फ्रीज की गई है। इसी तरह 15,113.02 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त करके सरकारी बैंकों को क्षतिपूर्ति की गई है। वहीं 82 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पीएमएलए मामलों के लिए बनी विशेष अदालतों में 80 अभियोजन शिकायतें दी गई हैं।
इतना एनपीए घटा
सरकारी बैंकों व वित्तीय संस्थानों में 20 करोड़ और उससे अधिक मूल्य का एनपीए घटा है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने बताया कि 2018-19 में यह 7,09,907 करोड़, तो अगले ही वर्ष 6,32,619 करोड़ दर्ज हुआ था।
तीन वर्षों में आयकर छापे और संपत्ति जब्ती में इजाफा
संसद में मंगलवार को सरकार की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वित्त वर्षों में आयकर छापे और संपत्तियों की जब्ती में वृद्धि हुई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान कर विभाग ने कुल 741 समूहों पर छापे मारे और 1,765.56 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की।