फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PPP Model: अन्न भंडारण में 20 लाख टन की अतिरिक्त क्षमता हासिल, तीन साल तक के लिए किया जा सकता है भंडार

Tue, 17 Jun 2025 05:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 40 लाख टन क्षमता वाले स्टील साइलो का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि 25 लाख टन क्षमता के लिए निविदा की प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अन्न भंडारण सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत देशभर में कुल 19.5 लाख टन क्षमता वाले स्टील साइलो यानी भंडारगृह बनाए हैं। इन आधुनिक भंडारगृह की मदद से भंडारण तीन साल तक के लिए किया जा सकता है। पूरी तरह से स्वचालित और आधुनिक सुविधाओं से लैस भंडारगृहों ने अन्नों की बर्बादी को भी कम किया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Trade Deficit: आयात घटने से व्यापार घाटा कम होकर 21.88 अरब डॉलर; इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात बढ़ा

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 40 लाख टन क्षमता वाले स्टील साइलो का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि 25 लाख टन क्षमता के लिए निविदा की प्रक्रिया जारी है। इस पीपीपी मॉडल के तहत लीप एग्री लॉजिस्टिक्स (बड़ौदा) प्राइवेट लि. ने भी केंद्र सरकार की ओर से 50,000 टन गेहूं के भंडारण के लिए स्टील साइलो परियोजना स्थापित की है। केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पीपीपी मॉडल में स्टील साइलो का निर्माण कर रहा है, ताकि खाद्यान्न को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Unemployment: मौसमी बदलावों के कारण मई में बेरोजगारी दर बढ़कर 5.6% हुई, महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित

11 वर्षों में 38 स्थानों पर 19.50 लाख टन क्षमता वाले साइलो का निर्माण
अधिकारी ने कहा, पिछले 11 वर्षों से 38 स्थानों पर पीपीपी मोड के तहत 19.50 लाख टन क्षमता वाले साइलो का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, 90 स्थानों पर 39,62,500 टन क्षमता वाले साइलो का निर्माण किया जा रहा है। ये साइलो परियोजनाएं डिजाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन (डीबीएफओओ) या डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) के आधार पर बनाई जा रही हैं। इन्हें निजी स्वामित्व वाली भूमि और एफसीआई भूखंड, दोनों पर स्थापित किया जा रहा है। एफसीआई इन स्टील साइलो को समझौते के तहत 30 साल के लिए किराये पर लेती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें