प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में देश में जारी आर्थिक सुधारों की चर्चा की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आयकर से लेकर यूपीआई तक का जिक्र किया। पीएम मोदी ने देश में हो रहे कर सुधारों के बारे में बोलते हुए बताया कि इससे लोगों का जीवन आसान बनाने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि देश में बड़े कर सुधार लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों की बेहतर क्षमताओं के कारण लोगों की कर-मुक्त आय सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति वर्ष करने में मदद मिली है।
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन के दौरान यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) की सफलता के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया में वास्तविक समय के लेन-देन में अकेले यूपीआई की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। उन्होंने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "हमारा यूपीआई प्लेटफॉर्म आज दुनिया के लिए एक आश्चर्य की तरह लगता है...हमारे पास (आत्मनिर्भर बनने की) क्षमता है।" उन्होंने कहा, "कुल वास्तविक समय लेनदेन का 50 प्रतिशत अकेले यूपीआई के जरिए होता है।" 2016 में लॉन्च होने के बाद से, यूपीआई ने लेनदेन की मात्रा और मूल्य दोनों के मामले में तेजी से वृद्धि की है।
वित्त वर्ष 2025 में, यूपीआई के तहत 18,587 करोड़ रुपये का लेनदेन वॉल्यूम रहा। इस दौरान लेनदेन का कूल मूल्य 261 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, जुलाई 2025 तक यूपीआई 1,947 करोड़ लेनदेन दर्ज करके एक और उपलब्धि हासिल कर चुका है। यूपीआई पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में उपलब्ध है। फ्रांस में इसका प्रवेश एक मील का पत्थर है क्योंकि यह यूरोप में यूपीआई का पहला कदम है। इससे वहां यात्रा करने या रहने वाले भारतीयों को विदेशी लेनदेन की सामान्य परेशानियों के बिना सहजता से भुगतान करने की सुविधा मिलती है।
एनपीसीआई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की एक पहल है। यह भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों का संचालन करने वाला संगठन है। यह संगठन यूपीआई का संचालन करता है जिसका उपयोग खरीदारी करते समय वास्तविक समय पर भुगतान के लिए किया जाता है। मुद्रा योजना के बारे में बोलते हुए मोदी ने कहा कि इस योजना से करोड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं और अपना छोटा व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम हुए हैं। उन्होंने कहा कि अपने लघु उद्यमों के माध्यम से वे रोजगार सृजन करने में सक्षम हुए हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म-लघु व्यवसाय इकाइयों को कृषि से संबद्ध गतिविधियों सहित विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में आय सृजन की गतिविधियों के लिए 20 लाख रुपये तक का कोलेटरल फ्री ऋण मुहैया कराई जा रही है।