देश के 14 स्टार्टअप ने इस साल में अब तक 2,100 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। पिछले साल इसी अवधि में 1,060 लोगों को बाहर किया गया था। 2022 से अब तक स्टार्टअप ने 20,500 छंटनी की है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल से जो छंटनी जारी हुई है, वह मूलरूप से 2021 में आक्रामक तरीके से की गई भर्ती का परिणाम है।
इसलिए, स्टार्टअप कंपनियां अब लागत को घटाने पर फोकस कर रही हैं। डूंजो ने 90, बाउंस ने 50, हड़प्पा ने 75, अपस्कालियो ने 40, मोगलिक्स ने 200 और रिबेल फूड्स ने 50 कर्मचारियों को इस साल निकाला है। आंकड़े बताते हैं कि 2022 की शुरुआत से कुल 60 बड़े स्टार्टअप ने फंड की कमी और पुनर्गठन के चलते छंटनी की। इसके अलावा, कुछ ने कर्मचारियों के प्रदर्शन को आधार बनाकर उनको बाहर निकाल दिया। कुछ ऐसे स्टार्टअप को इसलिए कड़े फैसले लेने पड़े क्योंकि उन पर दूसरों के मुकाबले ज्यादा असर पड़ा। छह स्टार्टअप ऐसे रहे, जिन्होंने 2022 की शुरुआत से 1,000 से ज्यादा छंटनी की है।
इन स्टार्टअप ने की है छंटनी
स्विगी, मेडिबडी, हुबिलो, शेयरचैट, रिलेवल, रिबेल फूड्स, ओला, स्किट एआई, डूंजो, लीड, बाउंस, मोगलिक्स, हड़प्पा और अपस्कालियो।
वेंचर कैपिटल निवेश में 38 फीसदी की गिरावट
आर्थिक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण निवेश की गतिविधियां प्रभावित होने से स्टार्टअप में 2022 के दौरान 38 फीसदी निवेश घट गया है। ग्लोबल डाटा ने कहा, 1,726 वेंचर कैपिटल (वीसी) के साथ 20.98 अरब डॉलर के सौदे हुए। 2021 में 1,715 के साथ 33.8 अरब डॉलर के सौदे हुए थे। कंपनी के प्रमुख विश्लेषक अरोज्योति बोस ने कहा, भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र का प्रमुख बाजार है। वीसी फंडिंग की संख्या व मूल्य के लिहाज से चीन के आसपास है।