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पिछले 4 साल में देश में बढ़ी करदाताओं की संख्या, 125 अरब की आबादी में अब 1.40 करोड़पतिः सीबीडीटी

Mon, 22 Oct 2018 06:37 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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पिछले चार सालों में देश के अंदर करोड़पतियों की संख्या में 60 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या भी 80 फीसदी बढ़ गई है। वहीं वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी श्रेणी के करदाताओं की संख्या में पिछले तीन साल के दौरान इजाफा हुआ है। साथ ही इस दौरान इनकी औसत आय भी बढ़ी है। 

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कर भुगतान में भी हुई बढ़ोतरी

सीबीडीटी ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस अवधि में कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा किए जाने वाले ‘औसत कर’ भुगतान में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि 2014-15 से 2017-18 के आकलन वर्षों के दौरान वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी करदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

इसकी प्रमुख वजह विभाग द्वारा करदाताओं का आधार बढ़ाने के लिए किए जाने वाले प्रयास हैं। इन तीन वर्षों में वेतनभोगी करदाताओं की संख्या 1.70 करोड़ से बढ़कर 2.33 करोड़ हो गई। यह 37 प्रतिशत की वृद्धि है। 
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औसत आय में 19 फीसदी का इजाफा

सीबीडीटी ने बयान में कहा कि इस दौरान वेतनभोगी करदाताओं द्वारा घोषित औसत आय का आंकड़ा 19 फीसदी बढ़कर 5.76 लाख रुपये से 6.84 लाख रुपये हो गया। वहीं इस अवधि में गैर वेतनभोगी करदाताओं की संख्या 1.95 करोड़ से 2.33 करोड़ हो गई। गैर वेतनभोगी करदाताओं की औसत आय 27 फीसदी बढ़कर 4.11 लाख रुपये से 5.23 लाख रुपये हो गई। 
 

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55 फीसदी बढ़े कॉरपोरेट करदाता

सांकेतिक तस्वीर
कॉरपोरेट करदाताओं की बात की जाए, तो 2014-15 में इस श्रेणी के करदाताओं ने जहां औसतन 32.28 रुपये का कर चुकाया था, वहीं आकलन वर्ष 2017-18 में यह 55 प्रतिशत बढ़कर 49.95 लाख रुपये हो गया। सीबीडीटी ने कहा कि इस अवधि में व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा किए गए औसत कर भुगतान का आंकड़ा 26 प्रतिशत बढ़कर 46,377 रुपये से 58,576 रुपये हो गया। 

सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि ईमानदार करदाताओं का सम्मान और उनकी हमेशा मदद की जाए। वहीं कर चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी और अभियोजन कार्रवाई की जाएगी। 

चंद्रा ने कहा कि देश के कुल राजस्व में प्रत्यक्ष कर का हिस्सा सबसे अधिक है। यह फिलहाल 52 प्रतिशत है। सीबीडीटी ने कहा कि वित्त वर्ष 2013-14 में कर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 3.31 करोड़ थी, जो 2017-18 में 65 प्रतिशत बढ़कर 5.44 करोड़ हो गई। 

सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चन्द्रा का कहना है कि आयकर विभाग ने कानून में सुधार, सूचना के प्रसार और सख्ती से नियमों का पालन करवाने के लिए कई कदम उठाए। इस वजह से रिटर्न दाखिल करने वालों और टैक्स भरने वालों की संख्या बढ़ी।
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