सोमवार को पेश होने वाले 2021-22 के आम बजट में रेलवे के लिए कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं। माना जा रहा है कि देश के तमाम रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर सकती हैं। इसके अलावा रेलवे में प्राइवेट निवेश बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुरक्षा बढ़ाने को लेकर भी जोर दिया जाएगा।
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुबोध जैन ने अमर उजाला को बताया कि अनलॉक होने के बाद भी रेलवे ने पहले की तरह सभी पैसेंजर ट्रेने शुरु नहीं की हैं। इससे ऐसा लगता है कि सरकार की मंशा यह है कि पैसेंजर का जो बिजनेस है इसको पूरी तरह से रिस्ट्रक्चर किया जा सके।
वहीं कुछ इस तरह का ढांचा तैयार किया जाए जिससे प्रावइेट ट्र्रेन ऑपरेटर्स की रुचि बने रहे। इसके अलावा निजी गाड़ियों के लिए अधिक नीतिगत समर्थन, नए मार्गों पर तेज कनेक्टिविटी के लिए नई रेलगाड़ी, पर्यटन और तीर्थ स्थलों के लिए बेहतर रेल संपर्क के बुनियादी ढांचे के विस्तार की उम्मीद है।
जानकारों का मानना है कि इस बार बजट में आधुनिक ट्रेनों के साथ ही यात्री सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। वहीं भारतीय रेलवे बुलेट ट्रेनों पर भी जोर देगी। नेशनल रेल प्लान 2024 में कई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इस बार के बजट में वित्तमंत्री इस प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा आवंटन कर सकती हैं।
इसके अलावा वे रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बजट आवंटन बढ़ा सकती हैं। रेलवे पहले से रेल लाइनों को उन्नत बनाने पर ध्यान दे रहा है। जिससे देश में ट्रेनों की औसत स्पीड बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 का रेलवे बजट 1.70 लाख करोड़ के आसपास का होगा। वहीं रेलवे को केंद्र की तरफ से करीब 75000 करोड़ की मदद मिल सकती है। इस बजट में किसान रेल और कोविड के दौरान भारतीय रेल द्वारा किए गए काम का भी उल्लेख किया जा सकता है।
गौरततलब है कि संसद का बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 15 फरवरी तक चलने की उम्मीद है। जबकि सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा।