नोटबंदी के बाद रियल इस्टेट मार्केट में जान डालने के लिए और टैक्सपेयर को खुश करने के लिए सरकार इस साल के बजट में कई खास ऐलान कर सकती है। होम लोन लेने वाले टैक्सपेयर को 2 लाख रुपये से ऊपर के इंटरेस्ट अमाउंट पर छूट मिलने की घोषणा हो सकती है।
इससे जहां एक तरफ रियल एस्टेट मार्केट में घरों की ब्रिकी बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ टैक्सपेयर को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी बजट के बाद मार्च में घोषित होने वाली अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दर कम करने की घोषणा सकता है।
अगर ऐसा हुआ तो बैंक भी इंटरेस्ट रेट में कमी का ऐलान कर सकते हैं। अभी साल की शुरूआत में ही कई प्रमुख बैंकों ने अपने एमसीएलआर रेट में कटौती की थी।
नोटबंदी के बाद रियल इस्टेट मार्केट में देखी गई थी गिरावट
रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास
- फोटो : Reuters
नोटबंदी के बाद जमा हुए करोड़ो रुपये
नोटबंदी के बाद बैंकों में लाखों करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इससे उत्साहित होकर सरकार इस तरह का ऐलान कर सकती है। हालांकि टैक्स स्लैब को बढ़ाने को लेकर सरकार ने अभी कोई कदम नहीं उठाया है।
रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने से जहां एक तरफ नौकरियां बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ सीमेंट, स्टील और इस सेक्टर से जुड़े उन्य उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में गिर गई 44 फीसदी तक डिमांड
रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म नाइट फ्रैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद डिमांड में 44 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। इस गिरावट से 22,600 करोड़ रुपये का घाटा भी इंडस्ट्री ने उठाया है।
सरकार का यह भी सोचना है कि नोटबंदी के प्रभावों का सही तरीके से पता अगले वित्त वर्ष से चल पाएगा। इसके बाद ही सरकार कुछ और घोषणाएं अपनी तरफ से कर सकती है, जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा खर्च कर सकें।