फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट 2017 में नई घोषणाएं करने से बचेगी सरकार: बरुआ

Mon, 30 Jan 2017 07:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
देश के जाने-माने इकनॉमिस्ट अभीक बरुआ ने अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए कहा कि आगामी बजट शायद समझने के लिहाज से सबसे अधिक कठिन बजट साबित होने जा रहा है। इस बार के बजट में सरकार नई घोषणाएं करने से बचेगी और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने का प्रयास करेगी। जहां पिछले तीन बजट में सरकार ने मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन के अलग से पैसा रखा था, वैसा इस बार के बजट में नहीं होने वाला है। 
विज्ञापन


इसके बावजूद सरकार नोटबंदी से बेहाल एमएसएमई सेक्टर और किसानों के लिए अच्छी घोषणाएं कर सकती है। 

हो सकता है कि वित्त मंत्री इस बार के बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम की घोषणा कर सकते हैं, जिसके अनुसार हर गरीब और बेरोजगार व्यक्ति को भत्ता मिलेगा। यह पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगा, जिसको आगे चलकर पूरे देश में लागू किया जा सकता है। सस्ते दर पर आवास मिलने की योजना की घोषणा की जा सकती है। 

अगले वित्त वर्ष में सरकार जीएसटी को लागू कर देगी। इसलिए मेरा मानना है कि सरकार सर्विस टैक्स की दर को बढ़ा सकती है। 

सरकार ग्रामीण इलाकों में बेंचमार्क सिस्टम के आधार पर रैंकिंग तय कर सकती है। इसके अलावा ऐसी योजनाएं जिनमें कैश का ट्रांजैक्शन होता है, उनको इकठ्ठा करके एक साथ पैसा ट्रांसफर करने का ऐलान कर सकती है। 
विज्ञापन


अफोर्डेबल हाउसिंग को गति देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है और इसमें 12 से 18 लाख सालाना आय वालों को भी शामिल  किया जा सकता है। इसके अलावा 50 लाख रुपये के होम लोन पर लगने वाली ब्याज दर को 6-7 फीसदी किया जा सकता है। 
विज्ञापन


(अभीक बरुआ HDFC बैंक के चीफ इकनॉमिस्ट हैं)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें