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बीएसई-एनएसई: आज से दीवान हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों का कारोबार बंद

Mon, 14 Jun 2021 12:50 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दीवान हाउसिंग फाइनेंस बंद हो चुकी है। उसके लिए एनसीएलटी ने पीरामल समूह की समाधान योजना को मंजूरी दी है। 
 
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BSE (File)
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विस्तार
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देश के प्रमुख शेयर बाजार बीएसई और एनएसई में सोमवार से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) के शेयरों का कारोबार बंद हो जाएगा। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा दिवालिया हो चुकी डीएचएफएल के लिए पीरामल समूह की समाधान योजना को मंजूरी के बीच बाजार जटिलताओं से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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न्यायाधिकरण ने सात जून को दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के तहत समाधान योजना को मंजूरी दी थी। बीएसई और एनएसई ने शुक्रवार को अलग-अलग सर्कुलर जारी कर कहा कि वे 14 जून से डीएचएफएल के शेयरों में कारोबार बंद करेंगे। डीएचएफएल के लिए मंजूर समाधान योजना के तहत कंपनी के इक्विटी शेयरों को शेयर बाजारों से हटाना होगा। 

बता दें, कर्ज बोझ में दबी आवास वित्त पोषण सेवा कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड  (डीएचएफएल) को पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस अधिग्रहण करने जा रहा है। डीएचएफएल के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में पीरामल कैपिटल सफल रही है।
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ऋणदाता समूह ने दी बोली को थी मंजूरी 
दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) प्रक्रिया के तहत डीएचएफएल के अधिग्रहण की बोली लगाने वालों में पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस की बोली को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले ऋणदाता समूह ने मंजूरी दी थी।

अधिग्रहण होने के बाद समाप्त होगी सूचीबद्धता 
सूत्रों का कहना है कि आईबीसी के दिशानिर्देशों और सेबी के सूचीबद्धता समाप्त करने के नियमों के मुताबिक डीएचएफएल का अधिग्रहण होने के बाद उसके शेयरों की बाजार से सूचीबद्धता समाप्त हो जाएगी। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने डीएचएफएल के लिए पीरामल समूह की बोली को सशर्त मंजूरी दी है। 

14 हजार करोड़ का घोटाला
सीबीआई ने मार्च 2021 को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) से जुड़े 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले का भंडाफोड़ किया था। साथ ही इस मामले में आर्थिक संकट में घिरी डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल वधावन और धीरज वधावन के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। सीबीआई के मुताबिक, कपिल और धीरज ने 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ‘फर्जी व काल्पनिक’ गृह ऋण मंजूर किए। साथ ही इसके लिए पीएमएवाई के तहत सरकार से 1,880 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी भी हासिल कर ली। 

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