दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैवल कंपनियों में शुमार थॉमस कुक रविवार रात को बंद हो गई। 178 साल पुरानी ब्रिटिश टूर ऑपरेटर कंरनी लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही थी। गलत प्रबंधन और ऑनलाइन प्रतिद्वंदी कंपनियों के साथ दौड़ में पिछड़ने के चलते कंपनी पर ताला लग गया।
ब्रेग्जिट ने भी इस कंपनी के पतन में भूमिका निभाई है। विश्लेषकों का कहना है कि ब्रेग्जिट कई कारकों में से एक था, जिसके कारण 178 साल पुरानी ट्रैवल कंपनी बंद हो गई। कंपनी बंद होने से हजारों लोगों की नौकरी चली गई है। कंपनी ने एक बयान में कहा, 'कंपनी को बंद करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था।'
वर्जिन ग्रुप से संस्थापक रिचर्ड ब्रैंसन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि 2016 के ब्रेग्जिट जनमत संग्रह की वजह से पाउंड की कीमत में भारी गिरावट ने कंपनी पर और दबाव बना दिया था जो पहले ही कर्ज में थी और जूझ रही थी।
कंपनी ने भी पहले ही कह दिया था कि ब्रेग्जिट मामले की वजह से बुकिंग कम हो रही हैं और कंपनी पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। कंपनी को दिवालिया होने से बचने के लिए 20 करोड़ पाउंड की जरूरत थी।