मेरठ में रहने वाले रोहन नई कार खरीदने शोरूम पहुंचे। बजट का गणित देखकर उत्साह थोड़ा ठंडा पड़ गया। गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत, उस पर लगने वाला भारी-भरकम रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जोड़कर बजट उम्मीद से बहुत अधिक था। तभी शोरूम के एक समझदार मैनेजर ने रोहन से पूछा, ‘क्या आपके पास स्क्रैपेज सर्टिफिकेट है?’ रोहन ने हैरानी से पूछा, ‘मेरे पास तो पुरानी गाड़ी ही नहीं है, फिर स्क्रैपेज सर्टिफिकेट का क्या मतलब?’ यहीं से शुरू होती है आज के ऑटोमोबाइल बाजार की एक ऐसी कहानी, जिससे आप भी अपनी नई कार की खरीद पर हजारों रुपये बचा सकते हैं।
बिना पुरानी गाड़ी के आपको यह कैसे मिल सकता है?
अब सवाल यह उठता है कि अगर रोहन की तरह आपके पास भी स्क्रैप करने के लिए कोई पुरानी गाड़ी नहीं है, तो क्या आप इन फायदों से वंचित रह जाएंगे? बिल्कुल नहीं! सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सर्टिफिकेट ऑफ डिपोजिट को पूरी तरह से ट्रांसफरेबल और ट्रेडेबल बना दिया है। यानी, जिस व्यक्ति ने अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराया है और उसे फिलहाल कोई नई गाड़ी नहीं खरीदनी है, वह अपने इस सर्टिफिकेट को बाजार में बेच सकता है।
क्या वाकई इसमें कोई फायदा है?
मान लीजिए आप 10 लाख रुपये की नई कार खरीदने जा रहे हैं। आप किसी अन्य व्यक्ति से 10,000 रुपये में एक स्क्रैपेज सर्टिफिकेट खरीदते हैं। आपको इसके बदले में क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं:
फायदा: 1,000+20,000+15,000=36,000 रुपये
सर्टिफिकेट की लागत: 10,000 रुपये
शुद्ध बचत: 36,000-10,000 = 26,000 रुपये यानी, 10,000 रुपये खर्च करके आप 26,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
1. कुछ राज्यों में यह छूट बहुत ज्यादा है, तो कुछ में इसके नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने शहर के आरटीओ या डीलर से पुष्टि जरूर करें।