सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत देशभर में चल रही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में फर्जीवाड़ा, राशन कार्डों के घपले और सब्सिडी के लीकेज को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की बड़े पैमाने पर योजना बनाई है। इसके तहत, खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खाते के बजाय सीधे लाभार्थी के डिजिटल रुपया वॉलेट में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद लाभार्थी एक सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य डिजिटल भुगतान तंत्र के माध्यम से सूचीबद्ध व्यापारियों व दुकानदारों से खाद्यान्न खरीदने के लिए इस उद्देश्य आधारित डिजिटल सब्सिडी का उपयोग कर सकेगा।
स्मार्टफोन यूजर दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। दुकानदार का मार्जिन अलग और सरकार का हिस्सा तय खाते में स्वतः ट्रांसफर हो जाएगा। साधारण मोबाइल वाले यूजर्स को एसएमएस के जरिये ओटीपी आधारित वाउचर आएगा। दुकानदार जैसे ही सिस्टम में ओटीपी दर्ज करेगा, भुगतान पूरा हो जाएगा। अब तक राशन डीलर पर राशन खुले बाजार में बेचने के आरोप लगते थे। डिजिटल रुपये की रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली लीकेज, हेराफेरी को कम करने मदद करेगी। यदि कोई लाभार्थी एक निश्चित अवधि में अपना कूपन भुना नहीं पाता, तो वह स्वतः सरकारी खाते में लौट जाएगा, जिससे डीलर द्वारा पिछली तारीखों में फर्जी एंट्री बनाना असंभव होगा।
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी है। यह जेब में रखे जाने वाले कागजी नोट या सिक्कों का ही डिजिटल स्वरूप है।