फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर पहुंचेगी डिजिटल मुद्रा : यूपी समेत 7 राज्यों में ई-रुपये से मिलेगा अनाज, अब सात राज्यों में होगा लागू

Sat, 22 Aug 2026 08:17 AM IST
ज्योति भास्कर शरद पाण्डेय, द बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

  • घर-घर पहुंचेगी डिजिटल मुद्रा : यूपी समेत 7 राज्यों में ई-रुपये से मिलेगा अनाज।
  • गुजरात, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में सफल परीक्षण के बाद अब सात राज्यों में होगा लागू।
विज्ञापन
घर-घर पहुंचेगी डिजिटल मुद्रा (सांकेतिक) - फोटो : FreePik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत देशभर में चल रही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में फर्जीवाड़ा, राशन कार्डों के घपले और सब्सिडी के लीकेज को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की बड़े पैमाने पर योजना बनाई है। इसके तहत, खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खाते के बजाय सीधे लाभार्थी के डिजिटल रुपया वॉलेट में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद लाभार्थी एक सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य डिजिटल भुगतान तंत्र के माध्यम से सूचीबद्ध व्यापारियों व दुकानदारों से खाद्यान्न खरीदने के लिए इस उद्देश्य आधारित डिजिटल सब्सिडी का उपयोग कर सकेगा।

विज्ञापन

 
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का गुजरात, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में सफल परीक्षण के बाद अब इसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। देश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत हर महीने करीब 78.85 करोड़ लाभार्थियों को 19,000 करोड़ रुपये का खाद्यान्न वितरित किया जाता है। सीबीडीसी आधारित खाद्य सब्सिडी वितरण पायलट पहली बार 15 फरवरी 2026 को गुजरात में और उसके बाद 26 फरवरी 2026 को पुडुचेरी में शुरू किया गया था। इन पायलट प्रोजेक्ट्स के अनुभवों और सीखों के आधार पर भारत सरकार ने 14 अगस्त को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इसकी शुरुआत की है।  

कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?

स्मार्टफोन यूजर दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। दुकानदार का मार्जिन अलग और सरकार का हिस्सा तय खाते में स्वतः ट्रांसफर हो जाएगा। साधारण मोबाइल वाले यूजर्स को एसएमएस के जरिये ओटीपी आधारित वाउचर आएगा। दुकानदार जैसे ही सिस्टम में ओटीपी दर्ज करेगा, भुगतान पूरा हो जाएगा। अब तक राशन डीलर पर राशन खुले बाजार में बेचने के आरोप लगते थे। डिजिटल रुपये की रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली लीकेज, हेराफेरी को कम करने मदद करेगी। यदि कोई लाभार्थी एक निश्चित अवधि में अपना कूपन भुना नहीं पाता, तो वह स्वतः सरकारी खाते में लौट जाएगा, जिससे डीलर द्वारा पिछली तारीखों में फर्जी एंट्री बनाना असंभव होगा।

क्या है केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा

केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी है। यह जेब में रखे जाने वाले कागजी नोट या सिक्कों का ही डिजिटल स्वरूप है।

  • यूपीआई आपके बैंक खाते में जमा पैसे को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने का सिर्फ एक रास्ता है, जबकि सीबीडीसी अपने आप में पैसा है। इस डिजिटल करेंसी की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रोग्रामेबिलिटी है।
  • यानी सरकार जब किसी लाभार्थी को डिजिटल टोकन जारी करती है, तो उसमें   यह तय कर दिया जाता है कि वह पैसा केवल और केवल तय राशन दुकान पर खाद्यान्न खरीदने के लिए ही खर्च होगा। इसे न तो निकाला जा सकता है और न ही शराब, मोबाइल रिचार्ज या किसी अन्य काम में खर्च किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें