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क्या भारत में चलेगा बिटकॉइन, आरबीआई की मनाही के बाद कानून मंत्रालय की सिफारिश

Sat, 28 Jul 2018 06:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में लागू होगा बिटकॉइन?
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डॉलर और रुपये की खनक अपनी जेब में तो हम सब चाहते हैं लेकिन इन सिक्कों से भी बेशकीमती सिक्के की खनक आप सुन नहीं सकते। ये एक ऐसा सिक्का है जिसे छू तो नहीं सकते लेकिन जिसे मिल जाये वो मालामाल हो जाये। यह है बिटकॉइन।

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देश में आरबीआई ने बैंकों पर बिटकॉइन से जुड़े सभी लेन-देन पर प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन फिर भी लोगों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। आम लोग भले ही बिटकॉइन नहीं खरीद पा रहे हों लेकिन पैसे वाले भारतीय अभी भी इस में जम कर निवेश कर रहे है। जिन लोगों को बेसब्री से इंतजार था कि भारत में बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त फिर से जारी हो जाए उनके लिए उम्मीद जागी है क्योंकि कानून मंत्रालय ने बिटकॉइन को वैध करने का समर्थन किया है। 

यह भी पढ़ें: अब बैंक खाते से नहीं होगा बिटकॉइन कैश, कांग्रेस ने बिटकॉइन को बताया काले धन को सफेद करने का घोटाला
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बिटकॉइन है क्या


बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा या वरचुअल करंसी है। इसे आप एक डिजिटल वॉलेट में रखते हैं। ये एक ओपन सोर्स है जिसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। ना दिखने वाले वॉलेट से आप खर्च कैसे करेंगे? तो ये बड़ा ही आसान है। आपके वर्चुअल मुद्रा को रुपये में बदल कर आपके बैंक अकाउंट में आप ट्रांस्फर कर सकते हैं। इससे लोगो को काफी मुनाफा भी हुआ था जैसे शेयर्स को बेचकर आप मुनाफा कमाते हैं।
 

अब जानते हैं बिटकॉइन का कहां-कहां इस्तेमाल कर सकते हैं?


ऑनलाइन शॉपिंग,दुनिया में कहीं भी और कहीं से भी मनी ट्रांस्फर, किसी भी तरह की पेंमेंट ,किसी भी तरह के ऑनलाइन बिजनेस में ,खरीद-फरोख्त के जरिए मुनाफा कमा सकते हैं। 

बिटकॉइन पर क्यों लगा प्रतिबंध

बिटकॉइन
भारत में क्यों लगा प्रतिबंध

अहम सवाल यह है कि अगर बिटकॉइन के इतने कथित फायदे हैं तो भारत सरकार ने इसे बैन क्यों किया? दरअसल बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल टेरर फंडिंग, स्मगलिंग, ड्रग्स और
मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गैर कानूनी कार्यो में हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका ट्रांजेक्शन पूरी तरह से इन्क्रिप्टीड होता है। पैसा कहां से आ रहा है, किस कम्पनी में जा रहा है इसकी कोई जानकारी नहीं होती। तो किसी फर्जीवाड़े के स्थिति में जांच एजेन्सी या सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकती और अपराधी पकड़ में नहीं आ सकते। तो इस लिहाज से आरबीआई बिटकॉइन को चिट फंड से भी खतरनाक मानती है। 
 
अब तक कोई रेगुलेटर नहीं

बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रण करने के लिए अब तक कोई नियामक संस्था नहीं है। न इस पर सरकार का नियंत्रण है और न ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया। इसके अलावा इस पर सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) का भी कोई कंट्रोल नहीं है। 
 
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क्या खतरे हैं बिटकॉइन के

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि इस वर्चुअल करेंसी में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा है। इसपर किसी का नियंत्रण नहीं होने से इसमें बहुत ज्यादा उठापटक देखने को मिलती है। एक बिटकॉइन की कीमत डॉलर में गिनी जाती है। इसलिए इसका असर अमेरीकी बाजार से लेकर भारतीय बाजार में भी होता है। अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन चेज के सीईओ जैमी डिमॉन ने बिटकॉइन के बारे में यहां तक कहा था कि ये दुनिया का सबसे बड़ा फ्रॉड है और इसमें निवेश करना बेवफूकी है।
 
बिटकॉइन को भारत में वैध करार देने वाले कानूनी सिफारिश का मसौदा कानून मंत्रालय ने तैयार कर लिया है और सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले पर अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी और कोर्ट इस पर फैसला सुना सकती है। 
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