आम बजट 2018-19 को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने अपनी-अपनी बातों को रखा। इस बैठक के बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि राज्यों की मांग को केंद्रीय वित्त मंत्री ने गंभीरतापूर्वक सुना है। बजट बनाने के दौरान सभी को उचित स्थान दिया जाएगा।
14 राज्यों के वित्त मंत्री हुए शामिल
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में दिल्ली, बिहार, गुजरात, मणिपुर और तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री, जबकि अन्य 14 राज्यों के वित्त मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इस दौरान जेटली ने कहा कि सभी के मांग पत्रों का अध्ययन कर बजट में यथा योग्य स्थान दिया जाएगा।
आयकर छूट बढ़ाने की मांग
बैठक के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से आयकर छूट की सीमा न्यूनतम तीन लाख रुपये वार्षिक करने की मांग की है। इस समय यह सीमा ढाई लाख रुपये सालाना है।जेटली के संग बैठक के दौरान सुशील कुमार मोदी ने सुझाव दिया कि ग्रेच्युटी सीमा 10 लाख रुपये की जगह 20 लाख रुपये की जाए और वित्त वर्ष की शुरुआत एक अप्रैल के बजाय एक जनवरी से की जाए।