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YearEnder: 2019 में आर्थिक सुस्ती से ठंडा पड़ा आईपीओ बाजार

Thu, 26 Dec 2019 08:40 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 2019 में 60 फीसदी कम हुई आईपीओ से जुटाई गई पूंजी
  • 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए वर्ष 2019 में 16 आईपीओ के माध्यम से
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अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंताओं का असर इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पर भी नजर आया। दरअसल, वर्ष 2019 में आईपीओ के माध्यम से 12,362 करोड़ रुपये पूंजी जुटाई गई, जो 2018 के 30,959 करोड़ रुपये से 60 फीसदी कम धनराशि रही। प्राइम डाटाबेस द्वारा संग्रहित आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 में सिर्फ 16 आईपीओ आए, जबकि 2018 में 24 आईपीओ आए थे।

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अर्थव्यवस्था लगातार मुश्किल दौर से गुजर रही है। सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान भारत की आर्थिक विकास दर 4.5 फीसदी रही थी, जो लगभग छह साल का निचला स्तर था। आगे भी सुधार की उम्मीद कम ही दिख रही है। यही वजह है कि सेबी से 51 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिए मंजूरी हासिल करने के बावजूद 47 कंपनियों ने आईपीओ पेश नहीं किए हैं।

प्राइम डाटाबेस ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रणय हल्दिया ने कहा कि हालांकि, बिक्री पेशकश और क्यूआईपी के माध्यम से 28 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 81,174 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई, जबकि 2018 में इससे 63,651 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई थी। लेकिन यह आंकड़ा 2017 के 1,60,032 करोड़ रुपये के अभी तक के उच्चतम स्तर से 49 फीसदी कम है।
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वर्ष 2017 में 36 आईपीओ के माध्यम से 67,147 करोड़ रुपये, जबकि 2016 में 26 आईपीओ से 26,494 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। वहीं 2015 में 15 आईपीओ से 13,614 करोड़ रुपये और 2014 में 5 आईपीओ से 1,201 करोड़ रुपये जुटाए गए।

773 करोड़ रुपये रहा आईपीओ का औसत आकार

वर्ष 2019 में सबसे बड़ा आईपीओ स्टर्लिंग एंड विलसन सोलर रहा, जिसके माध्यम से कंपनी ने 2,850 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं आईपीओ का औसत आकार 773 करोड़ रुपये रहा। कुल 16 आईपीओ के बाजार में आने से पहले महज तीन कंपनियों में पीई/वीसी निवेश देखने को मिला, जो पिछले वर्षों में एक बड़ा बदलाव था। इन पीई/वीसी जैसे निवेशकों ने ओएफएस के द्वारा 803 करोड़ रुपये जुटाए गए, जो आईपीओ के माध्यम से जुटाई गई धनराशि का महज 6 फीसदी है। प्रवर्तकों ने ओएफएस के माध्यम से कुल 7,513 करोड़ रुपये जुटाए, जिसकी आईपीओ से मिली कुल रकम में 61 फीसदी हिस्सेदारी है। सात आईपीओ को बाजार से शानदार प्रतिक्रिया मिली, जो 10 गुने से ज्यादा भरे गए।

आईआरसीटीसी रहा सबसे सफल आईपीओ

आईआरसीटीसी सबसे सफल आईपीओ रहा, जो 109 गुना भरा गया। इसके बाद उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक 100 गुना, सीएसबी बैंक 48 गुना, पॉलिकैब 36 गुना, निओजेन केमिकल्स 29 गुना और इंडियामार्ट इंटरमेश 20 गुना भरा गया।

हालांकि सूचीबद्धता के लिहाज से आईपीओ के लिए यह साल अच्छा रहा। सूचीबद्ध होने वाले कुल आईपीओ में से सात ने पहले दिन 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया। आईआरसीटीसी ने सबसे ज्यादा 128 फीसदी, सीएसबी बैंक ने 54 फीसदी, उज्जीवन ने 51 फीसदी, इंडियामार्ट ने 34 फीसदी, निओजेन केमिकल्स ने 23 फीसदी और पॉलिकैब ने 22 फीसदी रिटर्न दिया।

सबसे ज्यादा अहम बात यह रही कि इस साल सूचीबद्ध होने वाले सिर्फ दो शेयर सूचीबद्धता मूल्य से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जबकि बाकी शेयर निर्गम मूल्य से 21 फीसदी से 170 फीसदी तक ऊपर कारोबार कर रहे हैं। वहीं पांच साल पहले सूचीबद्ध हुए एसएमई प्लेटफॉर्म पर 2019 में आईपीओ गतिविधियां खासी सुस्त रहीं।

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