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'सबका साथ मिले तो तेज होगी विकास की रफ्तार'

Wed, 02 Mar 2016 11:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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सरकार के महत्वपूर्ण विधेयकों के संसद में फंसने का दर्द बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की जुबां पर आ ही गया। उन्होंने कहा कि यदि महत्वपूर्ण विधेयकों पर राजनीतिक बाधा दूर हो जाए तो 7-7.75 फीसदी के विकास लक्ष्य से भी आगे बढ़ा जा सकता है।
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उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में जेटली ने भरोसा जताया कि यदि राजनीतिक बाधाएं दूर होती हैं और सरकार को जीएसटी और दिवालिया कानून जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने दिया जाता है तो विकास दर लक्ष्य से भी आगे बढ़ जाएगी। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 से 7.75 फीसदी के बीच रहने का लक्ष्य तय किया गया है।

जेटली ने उद्योग संगठनों के साथ बैठक में बताया कि बजट में जो कदम उठाए गए हैं उससे यह लक्ष्य तो पूरा हो ही जाएगा। इसके साथ ही उम्मीद की जानी चाहिए कि अगले वित्त वर्ष में राजनीतिक बाधाएं उतनी नहीं होंगी जैसी इस वित्त वर्ष में रही हैं। यदि ऐसा वाकई में हुआ तो सरकार कई सुधारों को आगे बढ़ाने में कामयाब रहेगी।
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'जीएसटी विधेयक के परित हो जाने से पूरा देश बन जाएगा बाजार'

वित्त मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने आर्थिक समीक्षा में आर्थिक वृद्धि का जो लक्ष्य तय किया है, सरकार उसे लांघ जाएगी। अरविंद सुब्रमण्यम ने आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

बजट में प्रस्तावित पहल का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा दिवालिया विधेयक संसद में लंबित है। सरकार इन्हें आगे पारित कराने के लिए कृतसंकल्प है लेकिन कुछ राजनीतिक बाधाएं हैं। जीएसटी विधेयक के परित हो जाने से पूरा देश एक बाजार बन जाएगा और इसके लागू होने से बिना कुछ किए अर्थव्यवस्था में दो फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दिवालिया विधेयक के पारित हो जाने से किसी कंपनी के दिवालिया हो जाने से उसके आसानी से लिक्विडेशन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इससे संबंधित पक्षधारकों के अलावा बैंकिंग जगत को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा रीयल एस्टेट विधयेक को भी इसी श्रेणी में रखा जा रहा है क्योंकि इसके पारित हो जाने से न सिर्फरीयल इस्टेट बाजार में तेजी आएगी बल्कि बिल्डर की मनमानी भी थमेगी। इससे नए ग्राहक बाजार में आएंगे।
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