संभावित बड़े उपाय जिनकी उम्मीद की जा सकती है:
1. एक संभावित देशव्यापी प्रत्यक्ष किसान सहायता योजना के 1 फरवरी के बजट या शायद इससे भी पहले होने की भारी संभावना है। पहले से ही कुछ राज्यों जैसे तेलंगाना (रायथु बंधु योजना या आरबीटी; किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़/ सीजन प्रदान कर रही है) और ओडिशा (कालिया योजना, किसानों को प्रति परिवार 10,000 रुपये प्रदान किए गए) को नजीर के तौर पर लिया जा सकता है। उसी की तर्ज पर एक समान योजना लाई जा सकती है जो छोटे और सीमांत किसानों, भूमिहीन कृषि परिवारों के खातों में सीधे लाभ पहुंचाने वाली होगी।
2. पिछले कुछ वर्षों से एक अवधारणा के रूप में चर्चा में रही यूनिवर्सल बेसिक इनकम की अंततः घोषणा की जा सकती है, इसकी रूपरेखा और वित्त पोषण कैसे होगा, यह देखना अभी बाकी है।
3. मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए राहत प्रदान करने के लिए आयकर का पुनग्रहण।
अर्थव्यवस्था और बाजारों पर प्रभाव
बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च में संभावित मंदी राजनीतिक मजबूरियों को देखते हुए सरकार के पास बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करने के लिए बहुत सीमित वजह होगी।
ऐसा हो सकता है बजट प्रबंधन
हम मानते हैं कि सरकार कम अवधि के लिए राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन की राह चुन सकती है, क्योंकि यूबीआई और किसान राहत पैकेज लागू किए जाने हैं। हालांकि, हम उम्मीद करते हैं कि एक छोटे फिस्कल स्लिपेज का प्रभाव सीमित हो सकता है, बशर्ते भारत में विदेशी मुद्रा भंडार कम हो, कच्चे तेल की कीमतें कम हों और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण हो।
राजकोषीय परिदृश्य में सकारात्मक कारक
राजकोषीय कैनवास में कुछ चमकीले रंग हैं, जो बाजारों और निवेशकों को खुश कर सकते हैं। आरबीआई नकदी के एक बड़े ढेर पर बैठी है और एक बार का बड़ा लाभांश सरकार के लिए बाजी जीतने वाला साबित हो सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें कम होने से न केवल आयात का खर्च कम होता है, सब्सिडी कम मिलती है बल्कि मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में भी मदद मिलती है।
बजट से पहले पसंदीदा शेयर
बाटा इंडिया, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, सेंचुरी प्लाईबोड्र्स, डाबर इंडिया, एस्कॉट्र्स, फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन, जीएनए एक्सल्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, वी-गार्ड इंडस्ट्रीज
गौरव दुआ, रिसर्च हेड, शेयरखान (बीएनपी परिबस)