देश के शेयर बाजारों में सोमवार को मंदी की आशंका के बीच पिछले सात सालों में सबसे भारी गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट के कारण निवेशकों ने बाजार में सात लाख करोड़ गवां दिए हैं। सेंसेक्स 1625 अंक लुढ़क गया, वहीं निफ्टी भी 491 अंक फिसल गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्री के गिरावट थामने के प्रयास भी विफल रहे। निवेशकों ने जमकर बिकवाली की नतीजतन बीएसई बेंचमार्क सूचकांक में यह अब तक की चौथी सबसे बड़ी गिरावट रही।
उल्लेखनीय है कि सेंसेक्स में किसी एक कारोबारी सत्र में आई दस सबसे बड़ी गिरावटों में से आठ गिरावटें 2008 में दर्ज की गईं थी। सेंसेक्स में आज की गिरावट 24 अक्तूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी है।