निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद रहे डेट फंड पर छाए संकट के बादलों ने पूरे म्यूचुअल फंड बाजार को घेर लिया है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन के 6 डेट फंड बंद करने के बाद बाजार में निकासी की बाढ़ आ गई और निवेश पर जोखिम बढ़ने शुरू हो गए हैं। पैसा सुरक्षित रखने के साथ रिटर्न पाने के लिए निवेशक क्या करें। पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट...
बाजार विश्लेषक संदीप जैन बताते हैं कि ब्याज दर में परिवर्तन डेट म्यूचुअल फंड निवेेशकों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। ब्याज दरें विशेष रूप से उस समय बढ़ती हैं, जब अर्थव्यवस्था विकास कर रही होती है और आर्थिक मंदी के समय दरें कम हो जाती हैं। चूंकि, अभी विकास दर सुस्त है और कोरोना संकट की वजह से बाजार के आगे भी मुश्किल दौर में रहने की आशंका है। ऐसे में ब्याज दरें भी कम ही रहेंगी और बॉन्ड की कीमत बढ़ जाएगी।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (फिच, मूडीज, इक्रा आदि) सभी तरह के कारपोरेट बांड और सरकारी बांड की समय-समय पर रेटिंग करती हैं। इसका असर बांड की कीमत और यील्ड पर भी पड़ता है, साथ ही उच्च रेटिंग किसी बांड के जोखिम स्तर को भी दर्शाता है। ये एजेंसियां जब बांड की री-रेटिंग करेंगी और बाजार में जारी गिरावट या डिफ़ॉल्ट की वजह से रेटिंग घटी तो उस पर जोखिम बढ़ जाएगा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोरोना का संकट आगे दो-तीन महीने और जारी रहता है तो कंपनियों के मुनाफे पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे फंड हाउसों ने जिन कंपनियों के बांड में पैसे लगा रखे हैं, उनके डिफ़ॉल्ट करने का जोखिम बढ़ जाएगा। यह स्थिति निवेशकों के लिए सबसे बुरी होगी, क्योंकि तब फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन की तरह योजना बंद करके पैसे तत्काल लौटने से इंकार सकते हैं।
सभी निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सूचीबद्ध कर लें। अगर आपका निवेश जंक बांड में नहीं है और मजबूत कंपनियों से जुड़ा है, तो भरोसा बनाए रखिये। अपने फंड मैनेजर से हर निवेश की जानकारी मांगिए और सलाहकार से राय लीजिए, क्योंकि स्थिति सुधरने पर यही बांड सबसे पहले रिटर्न बढ़ाएंगे। -जगदीश ठक्कर, निवेश सलाहकार