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चुनावी सरगर्मी के बीच शेयर बाजार ने बनाया रिकॉर्ड, यह हैं छह कारण

Mon, 01 Apr 2019 12:04 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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शेयर बाजार ने नए वित्त वर्ष 2019-20 के पहले दिन ही एक नया रिकॉर्ड बनाया। सेंसेक्स जहां 39 हजार के पार चला गया, वहीं निफ्टी ने भी 11710 का नया शिखर हासिल किया। शेयर बाजार में इसके पीछे यह छह कारण हैं, जिनकी वजह से निवेशक पैसा लगा रहे हैं। 

लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की वापसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी सहयोगी दलों के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से बहुमत से सरकार बना सकती है। इस आशा के साथ निवेशक काफी उत्साहित है। वहीं पाकिस्तान को सीमा पार जाकर के जवाब देने से उनकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। इससे निवेशकों का वर्तमान सरकार के प्रति विश्वास और बढ़ गया है।  

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निवेश

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा किया जाने वाला निवेश काफी बढ़ गया है। विदेशी निवेशक भारतीय कंपनियों के शेयर बड़ी संख्या में खरीद रहे हैं। अकेले मार्च में विदेशी निवेशकों ने 33.98 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे भी बाजार को काफी बल मिला है। 

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अमेरिका-चीन के बीच बातचीत

व्यापार युद्ध पर गतिरोध टालने के लिए अमेरिका-चीन के बीच बातचीत होने से विदेशी बाजारों में अच्छा माहौल देखने को मिल रहा है। इसका भी असर भारतीय शेयर बाजार में देखा जा रहा है। वहीं म्यूचुअल फंड में निवेश इस बार आठ हजार करोड़ के पार चला गया है। 

अच्छा मानसून होने के संकेत

भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस बार अच्छा मानसून होने का संकेत  आया है। अभी विभाग ने पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इससे इस बार सूखा नहीं पड़ेगा और अच्छी बारिश से खेती में पैदावार सही होगी।

आरबीआई करेगा रेपो रेट में कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक इस बार अपनी वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा नीति का एलान 4 अप्रैल को करेगा। इसमें रेपो रेट में करीब 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती होने की आशा है। ब्याज दरों में कमी होने से लोगों की ईएमआई कम होगी, जिसके चलते महंगाई में भी कमी आएगी। 

2.5 फीसदी रह गया चालू खाता घाटा

फिलहाल सरकार का चालू खाता घाटा भी कम होकर के 2.5 फीसदी रह गया है। अभी पिछले वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के नतीजों में ऐसा देखने को मिला है। 

(केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया से बातचीत पर आधारित)
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