बाजार में गिरावट से निवेशकों को भारी घाटा।
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कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार बेहाल है। लगातार तीन दिनों से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स लाल निशान पर बंद हो रहे हैं। बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देखा जाए तो इन तीन दिन में निवेशकों को 11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
शेयर बाजार में जो गिरावट का दौर इस समय चालू है, उससे निवेशकों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ रहा है। बीते सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 866 अंक की गिरावट के साथ 54,835 पर बंद हुआ था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 272 अंक लुढ़ककर 16,411 अंक पर बंद हुआ। इस दिन निवेशकों के लगभग आठ लाख करोड़ रुपये से डूब गए थे।
इसके बाद सप्ताह के पहले कारोबार दिन सोमवार को भी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। एक ओर जहां सेंसेक्स 364 अंक या 0.67 फीसदी फिसलकर 54,471 के स्तर पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी सूचकांक 109 अंक या 0.67 फीसदी टूटकर 16,302 के स्तर पर बंद हुआ था। ये दौर मंगलवार को भी बना रहा और हरे निशान पर खुलने के बाद सेंसेक्स 106 अंक फिसलकर 54,365 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी सूचकांक 62 अंक की गिरावट के साथ 16,240 के स्तर पर बंद हुआ।
इन तीन दिनों की गिरावट के चलते शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को 11.4 लाख करोड़ रुपये का चूना लग गया। यहां आपको बता दें कि इससे पिछले हफ्ते भी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। पूरे सप्ताह की बात करें तो बीते सप्ताह बाजार चार फीसदी टूटा था। रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 248.3 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया।