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SBI लाइफ में भारतीय स्टेट बैंक ने बेची 2.1 फीसदी हिस्सेदारी

Wed, 17 Jun 2020 10:15 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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एसबीआई
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देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी अनुषंगी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में 2.1 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री पेशकश के जरिए बेच दी है। शेयरधारिता नियमों के अनुपालन के तहत यह हिस्सेदारी बेची गई है।

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दो किस्तों में हुई बिक्री पेशकश
बैंक ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा कि बिक्री पेशकश (ओएफएस) 12 जून और 15 जून 2020 को दो किस्तों में हुई। बैंक ने जुटाई गई राशि का खुलासा नहीं किया है। बैंक ने कुल 2,10,00,000 इक्विटी शेयर बेचने की जानकारी दी है जो 2.1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है।

1,522.50 करो़ड़ रुपये जुटाने की संभावना
हालांकि न्यूनतम मूल्य 725 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 2.1 करोड़ शेयर बिक्री के जरिए एसबीआई के 1,522.50 करो़ड़ रुपये जुटाए जाने की संभावना है। इन शेयरों का अंकित मूल्य 10 रुपये है। इससे पहले, 11 जून को एसबीआई लाइफ ने सूचित किया था। प्रवर्तक एसबीआई ने बिक्री पेशकश के लिए न्यूनतम मूल्य 725 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 
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सेबी के नियम को पूरा करने के लिए की बिक्री 
एसबीआई ने कहा कि बिक्री सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियम को पूरा करने के लिए की गई। इस बिक्री के बाद स्टेट बैंक की एसबीआई लाइफ में हिस्सेदारी 55.50 फीसदी पर आ गई है जो पहले 57.60 फीसदी थी।

14 जुलाई को मुंबई में होगी शेयरधारकों की बैठक
इसके अतिरिक्त एसबीआई ने कहा कि वह चालू वित्त वर्ष में विभिन्न माध्यमों से 20,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए जुलाई के मध्य में शेयरधारकों से मंजूरी लेगा। एसबीआई ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा कि शेयरधारकों की आम बैठक 14 जुलाई 2020 को मुंबई में मैडम कॉमा रोड स्थित स्टैट बैंक भवन, स्टेट बैंक ऑडिटोरियम में होगी।

एसबीआई ने कहा, 'अगर स्थिति अनुकूल नहीं रही और स्थानीय प्रशासन ने भौतिक रूप से आम बैठक करने की अनुमति नहीं दी, फिर यह वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए होगी।' बैंक ने कहा कि वह 20,000 करोड़ रुपये या सरकार और आरबीआई से मंजूरी प्राप्त राशि जुटाने के बारे में शेयरधारकों की मंजूरी लेगा। 

यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार की बैंक में हिस्सेदारी 52 फीसदी से नीचे नहीं आए। यह पूंजी सार्वजनिक निर्गम या निजी नियोजन या अन्य किसी माध्यम से जुटाई जा सकती है।

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