आज एमसीएक्स पर फरवरी का सोना वायदा 0.02 फीसदी गिरकर 49,250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी वायदा 0.2 फीसदी बढ़कर 63,635 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में, सोना वायदा 1.8 फीसदी यानी 920 रुपये प्रति 10 ग्राम फिसला था, जबकि चांदी लगभग 1,800 रुपये यानी 2.7 फीसदी प्रति किलो सस्ती हुई थी। दो सत्रों में सोने का वायदा भाव लगभग 1000 रुपये कम हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतना रहा दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी प्रोत्साहन वार्ता और स्थिर अमेरिकी डॉलर के चलते हाजिर सोना 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 1,835.11 डॉलर प्रति औंस पर था। चांदी 0.3 फीसदी नीचे 23.85 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि प्लैटिनम 0.2 फीसदी बढ़कर 1,003.07 डॉलर और पैलेडियम 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ 2,279.83 डॉलर पर बंद हुआ था।
सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा की कमजोरी के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इस साल केंद्रीय बैंकों द्वारा घोषित अभूतपूर्व प्रोत्साहन के बीच, अभी तक सोना 20 फीसदी बढ़ा है। सोने के व्यापारियों की नजर आज शाम यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा पर है।
स्वर्ण ETF में 141 करोड़ रुपये की निकासी
लगातार सात महीने तक निवेश प्रवाह जारी रहने के बाद सोने के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में नवंबर माह के दौरान निवेशकों की मुनाफा वसूली के चलते 141 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इसके मुकाबले एक साल पहले इसी माह में स्वर्ण ईटीएफ में आठ करोड़ रुपये का निवेश प्रवाह हुआ था। एसोसिएसन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के पास उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। स्वर्ण ईटीएफ में हालांकि अप्रैल 2020 से निवेश प्रवाह जारी है लेकिन जुलाई के बाद इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है।
इस स्थिति को देखते हुए हुए और सोने के मौजूदा मूल्य स्तर को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को मुनाफावसूली का यह बेहतर समय लगता है। स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं और उसके दाम में आने वाली घट-बढ़ पर ही इसका दाम भी घटता बढ़ता है।
कीमत में उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण
अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, बढ़ते कोरोना वायरस के मामले और इससे संबंधित प्रतिबंध, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिश्रित आर्थिक डाटा, अतिरिक्त प्रोत्साहन उपायों और ब्रेक्सिट अनिश्चितता से सोने और चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है।