गुरुवार को बाजार में आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में फिर से जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। ना सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के बाजारों की हालत बुरी है। बाजार के खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गए और इस वजह से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। शुरुआती कारोबार में 15 मिनट से भी कम समय में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। 45 मिनट की रुकावट के बाद बाजार में फिर से ट्रेडिंग शुरू हो गई और बाद में बाजार की हालत सुधरती नजर आई। बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है।
रोकनी पड़ी ट्रेडिंग
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और इस वजह से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। यानी कुछ देर तक शेयर बाजार में कारोबार नहीं हुआ। निवेशक ना तो शेयर खरीद सके और ना ही बेच सके। ये ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोकी गई। मालूम हो कि जब बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आती है, तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है और ट्रेडिंग कुछ देर के लिए रोक दी जाती है। बाजार में सर्किट के इतिहास पर नजर डाले तो बाजार में 12 साल में पहली बार लोअर सर्किट लगा है।
डाउ जोंस में ट्रेडिंग 15 मिनट के लिए बंद
आज हालात इतने बदतर हो गए कि अमेरिकी शेयर बाजार डाउ जोंस में ट्रेडिंग 15 मिनट के लिए रोक देनी पड़ी। यानी अमेरिकी शेयर बाजार में 15 मिनट के लिए किसी भी तरह का कारोबार नहीं हुआ। बाद में स्थिति सामान्य होने पर एक बार फिर कारोबार की शुरुआत हुई और अंत में डाउ जोंस 10 फीसदी यानी 2,352.60 अंक लुढ़क कर 21,200.62 अंक के स्तर पर बंद हुआ। ये साल 1987 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन है। एसएंडपी और नैस्डैक भी करीब 10 फीसदी टूटे।
24 घंटे में भारत समेत दुनिया के 7 देशों के बाजारों में लोअर सर्किट लगा। इनमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जमर्नी, इटली और रूस शामिल है।
गिरावट के बड़े कारण
ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो आज सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान पर खुले। शीर्ष गिरावट वाले शेयरों में निम्नलिखित कंपनियां शामिल हैं-
यस बैंक के शेयर में बढ़त
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को संकट-ग्रसित यस बैंक में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी मिल गई है। इसकी घोषणा एसबीआई ने गुरुवार को की थी, जिसके बाद यस बैंक के शेयर में बढ़त देखी गई। पिछले कारोबारी सत्र 25.05 पर बंद हने के बाद आज यह 22.55 के स्तर पर खुला। दोपहर 2:53 बजे यह दो फीसदी की बढ़त के बाद 25.55 के स्तर पर था। इस संदर्भ में एसबीआई ने बीएसई को बताया था कि, केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति की 11 मार्च को हुई बैठक में 10 रुपये प्रति शेयर की दर से यस बैंक के 725 करोड़ शेयर खरीदने को मंजूरी दी गयी। अभी इस सौदे को नियामकीय मंजूरियां मिलनी शेष हैं। इस सौदे के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगता पूंजी के 49 प्रतिशत से ऊपर नहीं जाएगी।
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज सभी सेक्टर्स की शुरुआत गिरावट पर हुई। इनमें पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, मीडिया, आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, ऑटो और मेटल शामिल हैं।
74.39 के स्तर पर खुला रुपया
डॉलर के मुकाबले आज रुपया 17 पैसे की गिरावट के बाद 74.39 के स्तर पर खुला। जबकि गुरुवार को बाजार में मचे हड़कंप के बीच रुपया 56 पैसे गिरकर 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। कोरोनावायरस की वजह से डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 74.22 पैसे पर बंद हुआ था।
प्री ओपन के दौरान यह था शेयर मार्केट का हाल
प्री ओपन के दौरान सुबह 9:10 बजे शेयर मार्केट लाल निशान पर था। सेंसेक्स 1,564.01 अंक यानी 4.77 फीसदी की गिरावट के बाद 31,214.13 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 482.55 अंक यानी 5.03 फीसदी की गिरावट के बाद 9,107.60 के स्तर पर था।
गुरुवार को गिरावट पर खुला था बाजार
गुरुवार को सेंसेक्स 1,784.14 अंक यानी 5.03 फीसदी की गिरावट के बाद 33,903.26 के स्तर पर खुला था। जबकि निफ्टी 532.65 अंक यानी 5.09 फीसदी की गिरावट के बाद 9,925.75 के स्तर पर खुला था। इसके बाद बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दोपहर 2:34 बजे सेंसेक्स 3,124.68 अंक यानी 8.75 फीसदी की ढलान के साथ 32,572.68 के स्तर पर आ गया था और निफ्टी 946.25 अंक यानी 9.05 फीसदी की गिरावट के साथ 9,512.15 के निचले स्तर जा पहुंचा था।