कोटक महिंद्रा बैंक में भारी बिकवाली दबाव और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी अनिश्चितता के कारण सोमवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी ने शनिवार को जून तिमाही के लिए 4,472 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया और प्रतिकूल वृहद आर्थिक परिस्थितियों के कारण खुदरा वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो पर दबाव की बात कही।
एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का लाभ 7,448 करोड़ रुपये था, लेकिन इसमें सामान्य बीमा इकाई में हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ भी शामिल था, जबकि मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 4,933 करोड़ रुपये रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारती एयरटेल, इंफोसिस और इटर्नल भी पिछड़ने वालों में शामिल रहे। हालांकि, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट और पावर ग्रिड लाभ में रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "नकारात्मक खबरों और ट्रिगर्स ने निफ्टी को एक महीने के निचले स्तर पर धकेल दिया है और बाजार की धारणा अब भी प्रतिकूल बनी हुई है। जापान और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते, जिन्हें शुरुआत में मुश्किल माना जा रहा था, तो हो गए हैं, लेकिन बहुप्रतीक्षित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अभी भी अधर में लटका हुआ है। इससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।"
विजयकुमार ने आगे कहा कि आईटी सूचकांक में भारी गिरावट से बाजार नीचे आ रहा है और टीसीएस द्वारा अपने वैश्विक कार्यबल में 2 प्रतिशत की कटौती की घोषणा के मद्देनजर इसमें कोई राहत नहीं मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह नकदी बाजार में एफआईआई की 13,552 करोड़ रुपये की बिकवाली से बाजार में कमजोरी बढ़ गई है। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहा था।