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उच्चतम पर पहुंचने के बाद फिसला बाजार, 300 अंक गिरकर बंद हुआ सेंसेक्स

Thu, 23 May 2019 04:14 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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शेयर बाजार गुरुवार को जहां सुबह के वक्त चुनाव नतीजों से अपने अभी तक अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। वहीं शाम को यह 800 अंकों से ज्यादा फिसल गया। सेंसेक्स 300 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। 

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बाजार में तेजी के बाद बिकवाली का दौर शुरू हो गया, जिसके बाद यह गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने इस दौरान मुनाफा वसूली करने की कोशिश की, जो फिर आगे चलकर गिरावट में तब्दील हो गया। सेंसेक्स 370 अंक गिरकर बंद हुआ, निफ्टी 100 अंक लुढ़क गया।  

सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले। प्री मार्केट में सेंसेक्स 481 अंकों की बढ़त के साथ 39591.77 पर खुला। वहीं निफ्टी 163.30 अंकों की बढ़त के साथ 11901 पर कारोबार करते हुए देखा गया। हालांकि कुछ में देर में ही सेंसेक्स 40 हजार और निफ्टी 12 हजार के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। 

इन सेक्टर्स में दिखी थी तेजी

जिन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा तेजी आई थी उनमें बैंकिंग, ऑटो, एनर्जी, इंफ्रा, मेटल, आईटी और फार्मा सेक्टर हैं। दिग्गज शेयरों के साथ ही मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही थी। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.54 फीसदी की मजबूती के साथ 14590 के ऊपर नजर आया था।

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वहीं, मिडकैप इंडेक्स 1.5 फीसदी की उछाल के साथ 14675 के करीब पहुंच गया था। तेल और गैस शेयरों में भी मजबूती नजर आई। बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था।

लांग टर्म में निवेश करना फायदेमंद

वेल्थ डिस्कवरी के निदेशक राहुल अग्रवाल ने कहा कि मतगणना के नतीजों और रूझानों से साफ हो गया है कि एक बार फिर से एनडीए प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। बाजारों में शुरूआती तेज़ी का माहौल बना था जिसके कारण सेंसेक्स 40,000 और निफ्टी 12,000 का स्तर पार किया था। हालांकि मुनाफा वसूली के कारण बाजारों में काफी सुधार आया है। ऐसे में लांग टर्म निवेशकों को इस बिकवाली से डरना नहीं चाहिए और बाजार में डटे रहना चाहिए। 
    
ऐसे परिवेश में सिक्लिकल ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा। जिन क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा वे हैं इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉर्पोरेट लोन, बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल, एनबीएफसी, ऑइल पीएसयू जैसे एचपीसीएल और बीपीसीएल में होगी। उम्मीद है कि भाजपा सरकार तेजी से बुनियादी ढांचे के विकास के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश अच्छी रणनीति हो सकती है। 
    
अग्रवाल ने कहा कि स्टॉक्स जो लिक्विडिटी और कॉर्पोरेट गवर्नेस के कारण काफी समय से रुके हुए थे उनमें तेजी की संभावना है। यह उम्मीद की जाती है कि अगले एक से दो वर्षों में आईटी क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगा। क्योंकि वैश्विक बाजारों में सलॉडाउन के आसार दिख रहे हैं।

ऐसे में आईटी क्षेत्र में अभी निवेश स्थित नहीं है। निवेशकों को अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में खरीदारी करके उन्हें लम्बे समय तक खरीदे रहना चाहिए। ऐसा करने पर लम्बी अवधि में अच्छा खासा मुनाफा हो सकता है।

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