मतगणना में एक बार फिर से मोदी सरकार बनने के आसार बनते देख शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले। प्री मार्केट में सेंसेक्स 481 अंकों की बढ़त के साथ 39591.77 पर खुला। वहीं निफ्टी 163.30 अंकों की बढ़त के साथ 11901 पर कारोबार करते हुए देखा गया।
9.29 बजे NDA सरकार की वापसी की उम्मीद से सेंसेक्स में 600 अंकों की तेजी आ चुकी है। पहली बार निफ्टी 11900 को पार कर गया है। शेयर बाजार के करीब 821 शेयर आगे चल रहे हैं और 118 शेयर पीछे चल रहे हैं। 17 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सन टीवी के शेयरों में तेजी आई है। चेन्नई की मीडिया कंपनी सन टीवी के शेयर सात फीसदी चढ़ गए। 11 फरवरी के बाद सन टीवी के शेयरों में यह सबसे बड़ी तेजी है। जिन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा तेजी आई है उनमें बैंकिंग, ऑटो, एनर्जी, इंफ्रा, मेटल, आईटी और फार्मा सेक्टर हैं।
दिग्गज शेयरों के साथ ही मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.54 फीसदी की मजबूती के साथ 14590 के ऊपर नजर आ रहा है। वहीं, मिडकैप इंडेक्स 1.5 फीसदी की उछाल के साथ 14675 के करीब नजर आ रहा है। तेल और गैस शेयरों में भी मजबूती नजर आ रही है। बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है।
एनडीए की संभावित जीत के जोश में बाजार में आज चौतरफा खरीदारी का रुझान नजर आ रहा है। निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 1.38 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.16 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.85 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 0.87 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 0.70 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 1.39 फीसदी की मजबूती देखने को मिल रही है।
निफ्टी का प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.5 फीसदी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बैंक निफ्टी 2.07 फीसदी की बढ़त के साथ 31160 के स्तर पर नजर आ रहा है।
मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और चालू वित्त वर्ष में सेंसेक्स 42 हजार के भी पार जा सकता है। करीब 50 रणनीतिकारों के बीच कराए गए पोल के आधार यह अनुमान लगाया गया कि अगर मोदी सरकार अपनी मौजूदा आर्थिक नीतियों को कायम रखती है तो 2019 के अंत तक बाजार में 8 फीसदी की तेजी आ सकती है। यह अगले सप्ताह तक 40 हजार के सर्वकालिक स्तर को भी छू सकता है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 तक इसके 42,250 अंक पहुंचने की उम्मीद है।
वाचना इंवेस्टमेंट के प्रबंध निदेशक बीवी रुद्रमूर्ति का कहना है कि एक स्थिर और मजबूत सरकार नीतियों को लेकर बेहतर कदम उठा सकती है, जिसका बाजार पर भी असर दिखेगा। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर छह महीने में ही बाजार में 15 फीसदी का उछाल आ गया था। उन्होंने कहा कि मोदी के पिछले पांच साल के कार्यकाल के दौरान सेंसेक्स ने 65 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।
बीएसई के अनुसार, अगर बाजार में कारोबार के दौरान किसी भी समय 20 फीसदी या उससे ज्यादा का उछाल आता है तो बाजार को पूरे दिन के लिए बंद किया जा सकता है। इसी तरह, अगर दोपहर 1 बजे से पहले बाजार में 15 फीसदी का उछाल आता है तो कारोबार को 1 घंटा 45 मिनट के लिए बंद कर दिया जाएगा।
यही तेजी अगर 1 बजे से 2.30 बजे के बीच आती है तो बाजार में 45 मिनट के लिए कारोबार ठप हो जाएगा, जबकि 2.30 बजे के बाद बाजार 15 फीसदी की उछाल पर आता है तो पूरे दिन के लिए कारोबार बंद कर दिया जाएगा।
बीएसई ने 10 फीसदी अपर सर्किट लिमिट के लिए भी तीन समयावधि तय की है। इसके अनुसार, 1 बजे से पहले इतना उछाल आने पर कारोबार 45 मिनट के लिए बंद होगा, जबकि 1 से 2.30 बजे के बीच यह तेजी आने पर 15 मिनट का ब्रेक होगा। वहीं, 2.30 बजे के बाद 10 फीसदी का उछाल आने पर कारोबार पर कोई असर नहीं होगा और यह जारी रहेगा।
बाजार में अस्थिरता को रोकने के लिए एक्सचेंज सर्किट ब्रेकर तय करते हैं। यह बाजार के एक दिन में अधिकतम बढ़त या गिरावट की सीमा तय करता है, ताकि स्थिरता कायम रहे। अपर सर्किट में शेयरों की अधिकतम बढ़त की सीमा तय की जाती है, जबकि लोअर सर्किट में इसके अधिकतम गिरावट की सीमा रखी जाती है। इससे नीचे या ऊपर जाने पर कारोबार रोक दिया जाता है।