भारतीय शेयर बाजारों में तेजी के साथ शुरुआत हुई और सेंसेक्स और निफ्टी ने बुधवार की गिरावट से उबरते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य पर सकारात्मक रुख दिखाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 352.22 अंक चढ़कर 76,220.02 पर पहुंच गया। निफ्टी 95.65 अंक बढ़कर 24,002.80 पर पहुंच गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा। इस दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले पांच पैसे बढ़कर 95.53 पर पहुंच गया।
घरेलू सूचकांकों में आज शानदार बढ़त दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 267.74 अंकों (0.35 प्रतिशत) की तेजी के साथ 76,135.54 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही, एनएसई निफ्टी 57.15 अंक (0.24 प्रतिशत) चढ़कर 23,964.30 के स्तर पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के सेंटिमेंट और महंगाई दर को कंट्रोल करने के मोर्चे पर सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों से आई है। कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत (0.86 डॉलर) गिरकर 91.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इसी तरह क्रूड ऑयल 1.24 प्रतिशत (1.10 डॉलर) फिसलकर 87.80 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। जानकारों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड का 92 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहना बाजार की धारणा के लिए काफी पॉजिटिव है। वहीं, सोने के भाव में 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई और यह 4,499.11 डॉलर पर पहुंच गया।
बाजार की इस तेजी में सेक्टोरल परफॉर्मेंस ने अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय बाजार को अमेरिकी और एशियाई बाजारों से भी अच्छे संकेत मिले हैं। वॉल स्ट्रीट में रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी है, जहां टेक शेयरों की बदौलत एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.91 प्रतिशत का उछाल आया। यह तेजी मुख्य रूप से 'स्नोफ्लेक' के शानदार आउटलुक और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित 60 दिन के युद्धविराम की खबरों के कारण कम हुए जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से आई है। इसी पॉजिटिव माहौल का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा, जहां निक्केई और कोस्पी इंडेक्स भी भारी तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
एक्सिस डायरेक्ट के हेड ऑफ रिसर्च, राजेश पालविया के अनुसार, बाजार में लगातार बनी हुई घरेलू लिक्विडिटी और निवेशकों के सुधरते जोखिम लेने के रवैये के कारण गिरावट पर खरीदारी का मौका बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी का 23,983.2 के करीब लंबी 'अपर विक' बनाना सिर्फ एक सेलेक्टिव कंसोलिडेशन है, इसे ट्रेंड का खराब होना नहीं माना जाना चाहिए।