एक दिन की छुट्टी के बाद घरेलू शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत हरे निशान पर हुई। सेंसेक्स में 1,350 अंक से अधिक की तेजी देखी गई, वहीं निफ्टी 24,200 के पार पहुंचने में सफल रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,270.42 के स्तर तक गया। वहीं, निफ्टी भी 24,280.90 के ऊच्च स्तर तक पहुंच गया। बैंक और रियल्टी इंडेक्स में 2% का उछाल दिखा। ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की नई उम्मीदों समेत कई अन्य कारकों ने बाजार में बढ़त को बढ़ावा दिया।
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयर सकारात्मक दायरे में थे। इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस प्रमुख लाभ कमाने वाली कंपनियां थीं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.26 प्रतिशत बढ़कर 95.04 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध "समाप्त होने के कगार पर है", और उन्होंने दावा किया है कि अगर वह अभी अपना समर्थन वापस ले लेते हैं, तो तेहरान को देश का पुनर्निर्माण करने में 20 साल लगेंगे। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है, हाँ। मैं इसे लगभग खत्म होने के कगार पर मानता हूँ"। इस इंटरव्यू का प्रसारण बाद में होना है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ वार्ता का दूसरा दौर अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में आयोजित किया जा सकता है।एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
मंगलवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट में 1.96 प्रतिशत की उछाल आई, एसएंडपी 500 में 1.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.66 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "अमेरिका-ईरान वार्ता और इजरायल-लेबनान वार्ता के फिर से शुरू होने की उम्मीदें और दो दिनों में ब्रेंट क्रूड में 10 डॉलर की गिरावट निकट भविष्य में बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं।" डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहे।
बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने एक दिन की राहत के बाद सोमवार को फिर से 1,983.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,432.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
सोमवार को सेंसेक्स 702.68 अंक या 0.91 प्रतिशत गिरकर 76,847.57 पर बंद हुआ। निफ्टी 207.95 अंक या 0.86 प्रतिशत गिरकर 23,842.65 पर समाप्त हुआ। पश्चिम एशिया संकट के बीच पाकिस्तान में हुुई शांति वार्ता विफल होने के बाद अनिश्चितताओं का माहौल छा गया, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और वैश्विक स्तर पर डॉलर की मांग बढ़ गई। इसके चलते सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 52 पैसे गिरकर 93.35 पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी घोषणा के बाद ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने को लेकर अनिश्चितताओं ने घरेलू शेयरों से विदेशी पूंजी की निकासी को और तेज कर दिया, जिससे भारतीय मुद्रा कमजोर हो गई।
सेंसेक्स