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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 1600 अंक टूटा, निफ्टी 23600 से नीचे

Mon, 13 Apr 2026 09:15 AM IST
Kumar Vivek पीटीआई, मुंबई

सार

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान कोई ठोस हल नहीं निकल पाने के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके असर से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी का क्या है हाल, आइए जानते हैं विस्तार से।
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शेयर बाजार का हाल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने से सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,600 अंक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 23,600 से नीचे पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट दिख रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 75,939 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 450 अंक से अधिक गिरकर सुबह 9:20 बजे 23,600 के स्तर से नीचे आ गया। बाजार में अस्थिरता मापने वाला भारतीय VIX 13% से अधिक बढ़कर 21 के ऊपर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे गिरकर 93.32 पर आ गया।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

  • सेंसेक्स

76,003.55

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-1,546.70 (-1.99%)

  • निफ्टी

23,580.00
-470.60 (-1.96%)

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के दौरान शांति वार्ता टूटने के बाद बाजार में व्यापक बिकवाली हावी रही। इससे सभी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में आ गए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद बैंकिंग, वित्तीय और तेल व गैस क्षेत्रों में भी गिरावट आई। इस बीच निवेशक वैश्विक आर्थिक चिंताओं के कारण दबाव में दिखे। फार्मा और स्वास्थ्य सेवा जैसे सुरक्षित क्षेत्रों में कम गिरावट दिखी। कुल मिलाकर बाजार का माहौल कमजोर बना हुआ है, जो जोखिम से बचने के रुझान और इक्विटी में क्षेत्रीय नेतृत्व की कमी को दर्शाता है।

तेल की कीमतों में उछाल 

 इस घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है और ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजारों के लिए नई चिंता बनकर उभरा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, यह नाकेबंदी दरअसल ईरान की संभावित नाकेबंदी के जवाब में अमेरिकी कदम है, जिसका आगे क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में भू-राजनीतिक स्तर पर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर बाजारों पर पड़ेगा। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि इस अत्यधिक अनिश्चित माहौल में वेट एंड वॉच यानी इंतजार और नजर बनाए रखने की रणनीति अपनाना ही बेहतर होगा।

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