पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबरों का सीधा असर सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। कमजोर होते अमेरिकी डॉलर और कूटनीतिक स्तर पर बन रही उम्मीदों के चलते शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि सोना भी मजबूत होकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को चांदी की कीमत 3,800 रुपये या 1.6 प्रतिशत की छलांग लगाकर 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जिससे गुरुवार की गिरावट (2,43,200 रुपये प्रति किलोग्राम) की पूरी तरह भरपाई हो गई। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 400 रुपये बढ़कर 1,55,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 1,54,900 रुपये के स्तर पर थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख कायम है, जहां हाजिर सोना 11.52 डॉलर या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,777.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 75.91 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्धविराम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिसने अर्थव्यवस्था में फिर से मुद्रास्फीति बढ़ने और ब्याज दर में संभावित बढ़ोतरी की चिंताओं को कम कर दिया है। इसी के चलते सोना 4,700 डॉलर के ऊपर स्थिर है और लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर है। इसके अलावा, सुरक्षित निवेश के रूप में उभरे अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी बाजार की सकारात्मक धारणा को और समर्थन दिया है।
ऑगमोंट की शोध प्रमुख रेनीशा चैनानी ने बताया कि ईरान विवाद पर एक सतर्क कूटनीतिक आशावाद और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से कीमती धातुओं की कीमतों में यह मजबूती आई है। हालांकि, भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ बड़े घटनाक्रम वैश्विक निवेश धारणा को लगातार प्रभावित कर रहे हैं:
मौजूदा नाजुक शांति स्थितियों को देखते हुए जानकारों का मानना है कि सोने में तेजी की संभावना अभी सीमित है। रेनीशा चैनानी के अनुसार, यदि कूटनीतिक वार्ता विफल होती है, तो सोना तेजी से गिरकर 4,000 डॉलर के स्तर तक आ सकता है। इसके विपरीत, एक विश्वसनीय और ठोस शांति समझौता सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक ले जाने का रास्ता साफ करेगा, जिससे मौजूदा दायरा निवेशकों और बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णायक क्षेत्र बन गया है।