वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के कारण मंगलवार को बीएसई का सेंसेक्स सूचकांक 900 अंक से अधिक उछलकर 75,000 अंक के स्तर को पार कर गया। पिछले दिन की तेजी को जारी रखते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 901.43 अंक उछलकर 75,071.38 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 265.9 अंक बढ़कर 22,774.65 अंक पर पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में जोमैटो, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टूब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर सर्वाधिक लाभ में रहे। हालांकि, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडसइंड बैंक पिछड़ गए।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "व्यापक संकेत यह है कि बाजार अपने निचले स्तर पर पहुंच चुका है, हालांकि आगे और सुधार की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.2% पर पहुंचना, आईआईपी में तेजी, सकल कर संग्रह में वृद्धि, व्यापार घाटे में कमी और सबसे महत्वपूर्ण रूप से खुदरा महंगाई दर में 3.6% तक की गिरावट ने बाजार को मजबूती दी है।
विजयकुमार ने कहा कि, लेकिन ये घरेलू अनुकूल परिस्थितियां इतनी मजबूत नहीं हैं कि वे बाजार को निरंतर उच्च स्तर तक ले जा सकें, क्योंकि टैरिफ युद्धों से उत्पन्न वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियां बाजार पर दबाव बनाना जारी रखेंगी। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.32 प्रतिशत बढ़कर 71.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशियाई मुद्राओं के रुख के अनुरूप और सकारात्मक घरेलू शेयर बाजारों के समर्थन से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे मजबूत होकर 86.71 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि स्थानीय मुद्रा में तेजी सीमित रही, क्योंकि निवेशक बढ़ती वैश्विक व्यापार चिंताओं के संभावित आर्थिक प्रभाव से जूझ रहे थे। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 86.71 पर खुला।
सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे बढ़कर 86.81 पर बंद हुआ था। एशियाई मुद्राओं में मामूली बढ़त हुई और सीएनएच 7.2338 पर पहुंच गया, आईडीआर 16395 पर और केआरडब्ल्यू 1445 पर पहुंच गया।