हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बाद घरेलू शेयर बाजार में भी बिकवाली दिखी। इस दौरान सेंसेक्स में 400 अंकों जबकि निफ्टी में 100 अंक की गिरावट दर्ज की गई। रिजर्व बैंक की नीतिगत बैठक के ब्योरे में मुद्रास्फीति के जोखिम का संकेत दिए जाने और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की ओर से वैश्विक केंद्रीय बैंकों की बैठक में स्पीच दिए जाने से पहले शुक्रवार के कारोबार में घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले।
सेक्टर वार बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.71% और निफ्टी मेटल में 0.73% की गिरावट आई। फाइनेंशियल, ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा और आईटी सेक्टर भी गिरावट के साथ खुले। घरेलू स्तर पर केंद्रित मिड-कैप में 0.37% की गिरावट आई, जबकि स्मॉल-कैप में 0.05% की वृद्धि हुई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 1,525 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,797 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 20 सेंट या 0.24% बढ़कर 83.56 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 22 सेंट या 0.28% बढ़कर 79.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के भाषण से पहले और कमजोर जोखिम के कारण डॉलर सूचकांक के दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे गिरकर 82.66 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।