भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हरे निशान पर खुला। भू-राजनीतिक व्यापार तनाव में कमी के बाद वैश्विक भावना में सुधार होने और निवेशकों के मनोबल को बढ़ाने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सेवा और ऑटो शेयरों में बढ़त के चलते गुरुवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत की उछाल आई।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सन फार्मास्यूटिकल्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एटर्नल, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं। दूसरी ओर, ICICI बैंक के शेयरों में मामूली गिरावट देखी जा रही है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'आवश्यकता पड़ने पर बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा करने' की अपनी धमकी वापस ले ली है। इसके बजाय, बुधवार को दावोस में उन्होंने कहा, 'हम ग्रीनलैंड पर भविष्य के समझौते के एक ढांचे पर पहुंच गए हैं।' इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका द्वारा 'यूरोप पर टैरिफ लगाने से परहेज' करने के संदेश से अमेरिका-यूरोप व्यापार युद्ध का खतरा टल गया है, जो बाजारों को नीचे खींच रहा था।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊपर कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। बुधवार को रात भर के कारोबार में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.14 प्रतिशत बढ़कर 65.33 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,787.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,520.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 82,000 के स्तर से नीचे फिसलते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 270.84 अंक गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157.50 पर बंद हुआ।