भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लाल निशान पर खुला। विदेशी निधियों की लगातार निकासी, भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ में और वृद्धि की आशंकाओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 455.35 अंक गिरकर 83,120.89 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 135.35 अंक गिरकर 25,547.95 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 90.23 पर आ गया।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, पावर ग्रिड, अदानी पोर्ट्स, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस सबसे बड़े पिछड़ने वालों में शामिल थीं। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे।अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित रहने से भारतीय शेयर बाजार सप्ताह की शुरुआत सतर्कता के साथ कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में हाल ही में हुई मुनाफावसूली ने अल्पकालिक दबाव को और बढ़ा दिया है, जिससे बाजार का रुख रक्षात्मक बना हुआ है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.24 प्रतिशत बढ़कर 63.49 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,769.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,595.84 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 604.72 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 84,000 के स्तर से नीचे आ गया और 83,576.24 पर बंद हुआ। निफ्टी 193.55 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 25,683.30 पर आ गया।