भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लाल निशान पर खुला। वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुझान के चलते सोमवार को बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने कमजोर शुरुआत की, लेकिन शुरुआती नुकसान के बाद निवेशकों द्वारा चुनिंदा खरीदारी करने से बाद में इनमें अस्थिरता देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की निकासी और डॉलर के मजबूत होने के कारण सोमवार को शुरुआती सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा फिसलकर 90.67 पर आ गया।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मास्युटिकल्स, एटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील लाभ कमाने वाली कंपनियां रहीं।
दूसरी ओर, इंफोसिस, अदानी पोर्ट्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह आईटी शेयरों में हुई भारी बिकवाली का असर निकट भविष्य में भी बाजारों पर बना रहेगा। शुक्रवार को आईटी शेयरों के एडीआर में आई मामूली रिकवरी से आईटी शेयरों को समर्थन मिलने की संभावना नहीं है। संस्थान आईटी शेयरों की बिकवाली जारी रख सकते हैं और वित्तीय, ऑटोमोबाइल, पूंजीगत वस्तुएं, दूरसंचार और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां आय वृद्धि की अच्छी संभावना है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक स्थिर रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाज़ार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड मामूली रूप से बढ़कर 67.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,553.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ।