हिमाचल और गुजरात चुनावों में जीत के बाद भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 33600 और एनएसई का निफ्टी 10400 के स्तर पर रहा।
इससे पहले सेंसेक्स 800 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ खुला था, क्योंकि शुरुआत में भाजपा और कांग्रेस की कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। बाद में 200 अंको की रिकवरी देखने को मिली। बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी हाती दिखी थी।
इस बिकवाली से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी अछूते नहीं रहे। हालांकि अंत में बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.75 फीसदी बढ़कर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
इस बीच गुजरात की कंपनियों के शेयर सुबह कारोबार खुलते वक्त गिर गए और इनमें 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
रिलायंस, अडानी के शेयर सबसे ज्यादा गिरे
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर शुरुआती कारोबार में 6 फीसदी तक गिर गए, वहीं अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए थे। जिन कंपनियों के शेयर गिरे उनमें अडानी इंटरप्राइज 4.36 फीसदी, अडानी पोर्ट 1.48 फीसदी, अडानी पावर 4.26 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन 2.77 फीसदी, GNFC 1.89 फीसदी, GSFC 2.28 फीसदी, अरविंद लिमिटेड 1.32 फीसदी, टोरेंट पावर 1.67 फीसदी, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट 0.29 फीसदी शामिल हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली हावी हुई है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 2 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 2.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी टूट गया है।
शेयर बाजार में इस सप्ताह कारोबार का रुख गुजरात व हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों से तय होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक वैश्विक कारकों जैसे अमेरिका में कर सुधार तथा कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर गड़ाए हुए हैं।
इन शेयरों में भी गिरावट
निफ्टी पर आईटी इंडेक्स में 1.36 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 1.25 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.65 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 1.86 फीसदी और पीएसयू बेंक इंडेक्स में 2.39 फीसदी व प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.93 फीसदी की गिरावट है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि अगर नतीजे एग्जिट पोल के हिसाब से नहीं आते हैं, तो इसका निकट से मध्यम काल में बाजार के रुझान पर नकारात्मक असर पड़ेगा। चुनाव के नतीजों के अलावा, बाजार का रुख वैश्विक संकेतों तथा अमेरिकी कर सुधारों से भी तय होगा।
एग्जिट पोल के अनुसार, दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है। कोटक सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट पीसीजी रिसर्च टीना विरमानी ने बताया कि बाजार का रुख चुनाव नतीजों के साथ संसद के शीतकालीन सत्र से भी तय होगा।