घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बड़ा उतार-चढ़ाव दिखा। सोमवार को हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत होने के बावजूद बेंचमार्क सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.67% तक टूटकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स में 1,164.25 अंकों का भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। दूसरी ओर, निफ्टी 165.16 (-0.70%) अंक फिसलकर 23,382.60 पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे गिरकर 94.97 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को आई कमजोरी का प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष से जुड़ा रोज नया अपडेट आना है। इन अपडेट्स का असर कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर पड़ता है और इससे निवेशकों का रुझान प्रभावित होता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से जारी लगातार बिकवाली और बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी ने भी बाजार का माहौल खराब किया।
अगर पिछले चार दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो निवेशकों की भारी पूंजी डूब चुकी है। इन चार दिनों में सेंसेक्स कुल 2,221.62 अंकों (2.90%) और निफ्टी 649.1 अंकों (2.70%) की भारी गिरावट दर्ज कर चुका है।
बाजार में आई इस सुनामी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य संघर्ष है।
इस घबराहट के माहौल में निवेशकों ने चौतरफा मुनाफावसूली की है। व्यापक बाजार में भी मायूसी छाई रही; बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 1.44 प्रतिशत और स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई पर 2,761 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 1,589 शेयर ही बढ़त बना सके।
भारतीय बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। एक्सचेंज के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को एफआईआई ने बाजार से 21,105.86 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों की भारी बिकवाली की थी, जब सेंसेक्स 1,092 अंक टूट गया था।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, बाजार को शुरुआत में एक कूटनीतिक समाधान की उम्मीद थी, लेकिन अब ये उम्मीदें धूमिल होती दिख रही हैं, जिससे बाज़ार में सतर्कता और जोखिम से बचने का मूड हावी हो गया है। वहीं, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का मानना है कि युद्ध लंबा खिंचने और चौथे महीने में प्रवेश कर जाने के कारण बाजार के कुछ भागीदार अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में जल्द ही कोई कूटनीतिक प्रगति या समझौता देखने को मिल सकता है।