भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट इसका मुख्य कारण रही। अमेरिकी-ईरान वार्ता से जुड़े सकारात्मक माहौल ने भी बाजार को मजबूत सहारा दिया। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।
बाजार में आई इस जोरदार रिकवरी का नेतृत्व बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों ने किया, जिनमें बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन प्रतिशत का उछाल दर्ज किया। विनोद नायर, शोध प्रमुख, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने बाजार की मजबूत सकारात्मक गति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि यह कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से प्रेरित थी। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की बढ़ती उम्मीदें भी एक बड़ा कारक रहीं।
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया और हांगकांग में बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे, जिससे वहां कारोबार नहीं हुआ। यूरोपीय बाजार भी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ा। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे, जो वैश्विक स्तर पर एक अनुकूल माहौल दर्शाता है।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,440.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। पिछले सत्र में शुक्रवार को सेंसेक्स 231.99 अंक या 0.31 फीसदी बढ़कर 75,415.35 पर बंद हुआ था। निफ्टी 64.60 अंक या 0.27 फीसदी बढ़कर 23,719.30 पर समाप्त हुआ था। इसके बावजूद सोमवार को बाजार में जोरदार उछाल आया, जो घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि बाजार में घरेलू पूंजी का प्रवाह मजबूत बना हुआ है।