बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। इससे इनमें गिरावट का सिलसिला सातवें दिन भी जारी रहा, क्योंकि इस सप्ताह के अंत में आरबीआई के ब्याज दर पर निर्णय से पहले लगातार विदेशी फंडों की निकासी से बैंक शेयरों में गिरावट आई। सोमवार को रुपया सीमित दायरे में मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे की गिरावट के साथ 88.79 (अनंतिम) के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर पिछड़ गए। वहीं टाइटन, भारतीय स्टेट बैंक, इटर्नल और ट्रेंट प्रमुख लाभ में रहे।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोप के शेयर बाजारों में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.25 प्रतिशत घटकर 69.25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 5,687.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,843.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 733.22 अंक या 0.90 प्रतिशत गिरकर 80,426.46 पर बंद हुआ। निफ्टी 236.15 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर तीन सप्ताह के निचले स्तर 24,654.70 पर बंद हुआ।