बैंकिंग और चुनिंदा आईटी शेयरों में हुई खरीदारी के साथ-साथ एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख से मंगलवार को बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 270 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
शेयर बाजार में अधिकांश समय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन बंद होने से पहले के सत्र में खरीदारी का दौर शुरू हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार पर निर्णायक प्रगति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ के निलंबन को 1 अगस्त तक बढ़ा दिया है।
सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स, इन्फोसिस और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख लाभ में रहे।हालांकि, टाइटन में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। ट्रेंट, एक्सिस बैंक, मारुति और हिंदुस्तान यूनिलीवर भी पिछड़ गए।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। सोमवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर निवेशकों की धारणा सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है। लेकिन औपचारिक पुष्टि के अभाव ने ताजा खरीद गतिविधि को रोक दिया है। इसके अलावा प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर अमेरिकी टैरिफ की समयसीमा बढ़ाने के फैसले ने निवेशकों को अधिक रक्षात्मक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.59 प्रतिशत गिरकर 69.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 321.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 1,853.39 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स अंततः 9.61 अंक या 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,442.50 पर बंद हुआ। निफ्टी 25,461.30 पर अपरिवर्तित बंद हुआ।