आईटी और तेल शेयरों में मूल्य खरीद के साथ-साथ ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख रहा। वैश्विक शेयरों में तेजी के कारण बीएसई और निफ्टी में सोमवार को लगभग 1 प्रतिशत का उछाल आया।
सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटरनल, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा लाभ में रहे। वहीं, टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स और सन फार्मा पिछड़ गए। टाटा मोटर्स के शेयर में 3.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह 26.75 अंक टूटकर 685.30 रुपये हो गई। आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक सुन्दर केवट ने कहा, कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद भारतीय बाजार लचीला बना रहा।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में कमी के कारण थोक मूल्य मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) मई में घटकर 0.39 प्रतिशत पर आ गई। यह 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.81 प्रतिशत घटकर 73.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,263.52 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
पिछले दो दिनों में बीएसई बेंचमार्क में 1,396.54 अंक या 1.69 प्रतिशत की गिरावट आई है, और निफ्टी में 422.8 अंक या 1.68 प्रतिशत की गिरावट आई है। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 573.38 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 81,118.60 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 169.60 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 24,718.60 अंक पर बंद हुआ।