आरबीआई की मौद्रिक नीति के फैसले और अमेरिका से टैरिफ वार की चिंताओं के बीच निवेशकों के सतर्क रुख के कारण बुधवार को बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 312.53 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 78,271.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 367.56 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 78,216.25 अंक पर आ गया था। एनएसई निफ्टी 42.95 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 23,696.30 पर आ गया।
मंगलवार की तेजी के बाद मुनाफावसूली और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने से भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई। वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख के बाद मंगलवार को सेंसेक्स 1,397.07 अंक और निफ्टी 378.20 अंक चढ़कर एक महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ था।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को मौद्रिक नीति पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया और निर्णय की घोषणा शुक्रवार (7 फरवरी) को की जाएगी। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि बिक्री और उत्पादन में धीमी वृद्धि के बीच भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधि जनवरी में दो वर्षों में सबसे धीमी गति से बढ़ी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजार में नकारात्मक रुख के बीच सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निवेशक अनुकूल बजट से उत्साहित बेहतर घरेलू परिदृश्य और टैरिफ युद्ध से उपजी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच संतुलन बना रहे हैं। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है, लेकिन रुपये में गिरावट इन बढ़त को कम कर सकती है।"
एशियाई बाजारों में सियोल और टोक्यो सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग में गिरावट रही। यूरोपीय बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए। मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। पिछले कई दिनों से जारी बिकवाली के बाद मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने खरीदारी की। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 809.23 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत घटकर 75.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।