घरेलू शेयर बाजार में पिछले चार दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को बढ़त दिखी और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 169.62 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 76,499.63 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 505.6 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 76,835.61 अंक पर पहुंचा। एनएसई निफ्टी 90.10 अंक या 0.39 प्रतिशत चढ़कर 23,176.05 पर पहुंच गया।
खुदरा महंगाई दर में कमी और वैश्विक बाजारों में तेजी के कारण चार दिनों की तीव्र गिरावट के बाद मंगलवार को बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। व्यापारियों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सूचकांक पर दबाव पड़ा और लाभ सीमित हो गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स 1,869.1 अंक या 2.39 प्रतिशत गिरा है।
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में घटकर चार महीने के निचले स्तर 5.22 प्रतिशत पर आ गई। इसका मुख्य कारण सब्जियों सहित खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी है। इससे रिजर्व बैंक को आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश मिली है।
एशियाई बाजारों में सियोल, शंघाई और हांगकांग सकारात्मक दायरे में रहे, जबकि टोक्यो में गिरावट रही। यूरोप के बाजार हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। अदाणी समूह के सभी शेयरों की भारी मांग रही, इस दौरान अदाणी पावर के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 4,892.84 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.12 प्रतिशत बढ़कर 81.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गैर-खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित वस्तुओं के साथ-साथ ईंधन और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दिसंबर 2024 में थोक मूल्य मुद्रास्फीति बढ़कर 2.37 प्रतिशत हो गई, हालांकि खाद्य वस्तुओं में मामूली कमी देखी गई।
सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,048.90 अंक या 1.36 प्रतिशत गिरकर 76,330.01 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 345.55 अंक या 1.47 प्रतिशत गिरकर 23,085.95 अंक पर बंद हुआ था।